सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में श्रेष्ठ कानून व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि सरकार प्रदेश को भारत के श्रेष्ठ निवेश गंतव्यों में से एक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में इज ऑफ डुइंग बिजनेस में सुधार करने के अतिरिक्त सरकार उद्योगपतियों तथा सीआईआई जैसे संघों के सुझावों पर भी विचार करेगी। सीआईआई के उत्तर क्षेत्र के अध्यक्ष सचित जैन ने कहा कि प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने आशा जताई कि हिमाचल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने में सहायक सिद्ध होगी। सीआईआई अध्यक्ष आईएमजीएस सिद्धू ने कहा कि परिवहन संघ औद्योगिकीकरण में सबसे बड़ी बाधा है।
उन्होंने संपत्ति कर को सरल बनाने का भी आग्रह किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अनिल खाची और मनोज कुमार, निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा, विशेष सचिव आबिद हुसैन, सीआईआई हिमाचल के उपाध्यक्ष हरीश अग्रवाल, सीआईआई सदस्य अंकुर सिंह चौहान भी मौजूद रहे।