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शिक्षकों के लिए अच्छी खबर, अब प्रमोशन मिलना तय

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प्रमोशन की राह ताक रहे ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग इन्हें जल्द प्रमोशन का तोहफा दे सकता है। करीब एक हजार टीजीटी को पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) बनाया जाना है। शिक्षा विभाग ने प्रमोशन की फाइल को अंतिम रूप दे दिया है।
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मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलते ही प्रमोशन आदेश जारी कर दिए जाएंगे। शुक्रवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान से मुलाकात कर लौटे प्रदेश टीजीटी कैडर अध्यापक परिसंघ ने यह दावा किया है। मुख्याध्यापक संवर्ग अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उद्यम सिंह गुलेरिया ने बताया कि मुख्य अध्यापकों से प्रधानाचार्य और टीजीटी से पीजीटी की प्रमोशन जल्द होने का आश्वासन दिया गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानाचार्यों तथा उपनिदेशकों के भर्ती एवं पदोन्नित नियमों के वर्तमान स्वरूप में परिवर्तन नहीं करने का आग्रह किया है। प्रतिनिधिमंडल में मुख्याध्यापक संवर्ग अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उद्यम सिंह गुलेरिया, पदोन्नत प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय गौतम, विज्ञान अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा समेत कई पदाधिकारी शामिल रहे।
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दसवीं में अंग्रेजी, गणित का न हो पहला पेपर
परिसंघ ने प्रधान शिक्षा सचिव से दसवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं में पहला पेपर अंग्रेजी और गणित का नहीं होने की मांग की। परिसंघ का कहना है कि पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव न पड़े, इसके लिए सरकार को बोर्ड परीक्षाओं में नई व्यवस्था करनी चाहिए। परिसंघ का दावा है कि प्रधान शिक्षा सचिव ने इस मांग को मान लिया है।

इधर कर्मचारियों के नियमितीकरण का इंतजार बढ़ा

वहीं, प्रदेश के 3194 अनुबंध शिक्षकों को नियमित करने की राह में 31 मार्च की शर्त आडे़ आ गई है। 31 मार्च के बाद पांच साल की अवधि पूरी करने वाले अनुबंध शिक्षकों को नियमित होने के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ेगा। खफा अनुबंध शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मामले में संशोधन करने की मांग की है। मांग की है कि पांच साल बाद नियमित करने की प्रक्रिया से 31 मार्च की शर्त को हटाया जाए।

हिमाचल अनुबंध अध्यापक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि संघ 31 मार्च की शर्त को हटाने के लिए प्रदेश सरकार के विभिन्न मंत्रियों और विधायकों के माध्यम से आवाज बुलंद करेगा। जरूरत के अनुसार संघर्ष तेज किया जाएगा।
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शिक्षकों की बढ़ी परेशानी

जिला शिमला अध्यक्ष ओम प्रकाश चौहान, संयोजक नीरज शर्मा, महासचिव रविंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष रवि वर्मा, प्रेस सचिव राजीव ठाकुर, सुभाष ठाकुर, दुष्यंत शर्मा, दलीप कुमार, नेक राम चौहान, रामलाल ठाकुर और धर्म चंद ने बताया कि संघ सरकार से इस संदर्भ में पहले भी मांग उठा चुका है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि 31 मार्च की शर्त का सरकार विश्लेषण कर रही है।

संघ का कहना है कि इस शर्त के जुड़ जाने से अनुबंध अध्यापकों के नियमितीकरण में रोड़ा अटक गया है। 31 मार्च, 2015 के बाद दिसंबर तक लगभग 3194 शिक्षक अपने सेवाकाल के 5 वर्ष पूरे कर रहे हैं। ऐसे में इन शिक्षकों को नियमित होने के लिए 31 मार्च 2016 तक इंतजार करना होगा।
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