बुधवार से शहर को कोटी, बरांडी और बीन नालों के पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
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पानी की किल्लत झेल रहे शिमला शहर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी पुणे) ने कोटी, बरांडी और बीन नालों के पानी को हरी झंडी दे दी है। एनआईवी ने मंगलवार को ई-मेल के जरिये सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट से अवगत करवाया।
आईपीएच ने एनआईवी पुणे की रिपोर्ट से नगर निगम को अवगत करवा दिया है। बुधवार से शहर को कोटी, बरांडी और बीन नालों के पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। शहर को पांच एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से कोटी, बरांडी और बीन परियोजना का पानी आखिर शहर तक पहुंच गया है।
खास बात यह है कि एनआईवी पूणे ने भी इन परियोजनाओं के पानी को पीने योग्य करार दिया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आदेशों के बाद आईपीएच ने 17 दिनों के रिकार्ड समय में कोटी बरांडी और बीन नालों का पानी शिमला पहुंचाया है। हालांकि एनआईवी पूणे को पानी के सैंपल भेजने, जांच और रिपोर्ट आने में करीब 15 दिन अधिक लग गए।
कोटी, बरांडी और बीन नालों के लिए 28 अप्रैल को पाइपें अश्वनी खड्ड पहुंची थी। 15 मई को पाइपें बिछाने के बाद आईपीएच ने पानी क्वालग टैंक तक पहुंचा दिया। आईपीएच के अधिकारियों और फील्ड स्टॉफ की दिन रात कड़ी मेहनत से यह संभव हो पाया।