गोकुल बुटेल ने कहा कि 25 और 26 अगस्त को मूसलाधार बारिश के कारण चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में दूरसंचार नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ था और इस तबाही के कारण इन जिलों में दूरसंचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। 2 सितंबर तक इन जिलों में 65 प्रतिशत क्षतिग्रस्त साइटों को चालू कर दिया गया था।
भारी बारिश के बीच राज्य सरकार राज्य भर में महत्वपूर्ण दूरसंचार अवसंरचना को बहाल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है, जिसे भारी नुकसान हुआ है और जिससे आम जनता को असुविधा हो रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री के सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार विभाग के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल ने दी। कहा कि 25 और 26 अगस्त को मूसलाधार बारिश के कारण चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में दूरसंचार नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ था और इस तबाही के कारण इन जिलों में दूरसंचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। 2 सितंबर तक इन जिलों में 65 प्रतिशत क्षतिग्रस्त साइटों को चालू कर दिया गया था।
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संचार व्यवस्था चरमरा गई थी और क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं कनेक्टिविटी के लिए गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हो गई थीं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत राज्य सरकार ने बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए तुरंत चौबीसों घंटे प्रयास शुरू किए और सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को दूरसंचार सेवाओं की बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम करने के लिए प्रेरित किया। गोकुल बुटेल ने कहा कि 2 सितंबर तक केवल 374 साइटें ही निष्क्रिय रहेंगी, जो चंबा जिले में नेटवर्क में 45 फीसदी सुधार दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जहां तक भरमौर क्षेत्र का प्रश्न है, बीएसएनएल की दस साइटों में से पांच साइटों पर माइक्रो-वेव कनेक्टिविटी पर नेटवर्क बहाल कर दिया गया है और शेष साइटों को भी शीघ्र ही बहाल कर दिया जाएगा।
ओएफसी बहाली के कार्य में भी लगभग एक सप्ताह लगने की संभावना है। गोकुल बुटेल ने कहा कि कुल्लू जिले में एयरटेल दूरसंचार सेवाओं की 877 साइटों में से 84.9 प्रतिशत 2 सितंबर तक चालू कर दी गई थीं, जबकि 1173 साइटों में से 65 प्रतिशत रिलायंस जियो दूरसंचार सेवाएं सुचारू रूप से कार्य कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल की 391 साइटों में से लगभग 20 प्रतिशत दूरसंचार सेवाएं सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति जिले में एयरटेल की 63 साइटों में से 96.8 प्रतिशत संचालित हो चुकी हैं, जबकि रिलायंस जियो सर्विसेज की 170 साइटों में से 84.1 प्रतिशत 2 सितम्बर, 2025 तक सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं।