लोकनृत्य से दिखाई हिमाचल की संस्कृति की झलक
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के युवा उत्सव (समूह तीन) की नृत्य प्रतियोगिता का आगाज शुक्रवार को मंडी के संस्कृति सदर कांगणीधार में हुआ। तीन दिवसीय युवा उत्सव का शुभारंभ सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. देवदत्त शर्मा ने किया। पहले दिन हिमाचल के विभिन्न जिलों के लोक नृत्यों की झलक देखने को मिली। चंबा के चुवाडी़ कॉलेज, लाहौल-स्पीति के कुकमसेरी, आरकेएमवी शिमला, संजौली कॉलेजी, सरस्वती नगर कॉलेज अंब, भोरंज, करसोग, आनी, सरकाघाट, हमीरपुर, नालागढ़ कॉलेजों ने लोकनृत्य की प्रस्तुतियां देकर हिमाचल की संस्कृति की झलक दिखाई।
कुलपति ने प्रदेश भर के कॉलेजों से आए कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोकनृत्य और परंपरागत नृत्य की पूरी दुनिया में पहचान है। लोकनृत्य, लोकगीत, लोक संगीत हमें अपनी मिट्टी, पर्यावरण और मानवीय सरोकारों से जोड़े रखते हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय युवा उत्सव को मंडी में करवाना महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। आयोजन सचिव प्रो. दीपक गौतम ने कहा कि लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य कथक प्रतियोगिताओं में साहित्यकार डॉ. सूरत ठाकुर, बालकृष्ण शर्मा और कथक नृत्य विशेषज्ञ विशाल कुमार को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इस अवसर पर मंडी कॉलेज के केंद्रीय छात्र संगठन की अध्यक्ष महक, पीटीए कार्यकारिणी, ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।