चिल्लाने पर जब उसके परिजन उठे तो उसने उन्हें सर्पदंश होने की बात बताई। इतने में परिवार सदस्यों ने स्थानीय पंचायत प्रधान को इसकी सूचना दी और घायलों को क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर ले आए।
लेकिन, बेटी सोनू की रास्ते में ही मौत हो गई। जबकि पिता को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से उसे मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर कर दिया गया है। वहीं स्थानीय पंचायत प्रधान ज्योति प्रकाश ने इस बारे में पुलिस थाना हमीरपुर में सूचना दी।
पुलिस ने बेटी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसएचओ संजीव गौतम का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्जकर बेटी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।