बिजली प्रोजेक्ट बनाने को लेकर हिमाचल सरकार तेजी में है। मंडी के ठाणा प्लौन में 191 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना बनाने को जर्मनी से अनुदान (ग्रांट) लेने की तैयारी है। इसकी डीपीआर बनाकर प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजी गई है।
प्रोजेक्ट कितना लाभदायक हो सकता है। यह देखने को जर्मनी सरकार की एक टीम 24 मई को शिमला और 25 मई को मंडी में पहुंचेगी। प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से मंडी के ठाणा प्लौन में 191 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना बनाई जानी है।
इस पर लगभग दो हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इसमें लगभग 1700 करोड़ हिमाचल सरकार ने जर्मनी सरकार से ग्रांट के तौर पर मांगे हैं। हालांकि, अभी डीपीआर पर केंद्र सरकार स्तर पर परीक्षण किया जा रहा है। इससे पहले 25 मई को जर्मनी सरकार की एक टीम मंडी पहुंचकर प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाशेगी। इसके बाद ही ग्रांट देने पर निर्णय होगा।
बैंकों से भी एप्रोच
प्रदेश में लगभग तीन हजार मेगावाट परियोजनाएं बनाने को सरकार की ओर से फ्रेंच बैंक, एडीबी, विश्व बैंक सहित अन्य बैंकों से मदद लेने के लिए संपर्क किया जा रहा है। कुछ बैंकों की ओर से पहले भी सकारात्मक संकेत दिया जा चुका है।