एक फरवरी को पेश हो रहे केंद्र सरकार के आम बजट से हिमाचल सरकार को कई उम्मीदें हैं। सीएम जयराम ठाकुर को सबसे बड़ी उम्मीद मंडी के ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को बजट में शामिल किए जाने की है। बजट में जीएसटी प्रतिपूर्ति को भी आगामी कुछ वर्षों के लिए जारी रखा जा सकता है। हाल ही में हुई बैठक में भी सीएम जयराम ठाकुर ने केंद्रीय बजट के लिए हिमाचल सरकार की ओर से कई सुझाव दिए हैं। केंद्र सरकार के आम बजट की बुनियाद पर ही जयराम सरकार का चुनावी साल का अपना पांचवां बजट बनेगा।
जयराम सरकार ने सुझाव में मंडी के ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को तिब्बत शासित चीन सीमा के निकट होने के कारण सामरिक महत्व का बताया है। ऐसे में भी इसके राष्ट्रीय परियोजना बनने की उम्मीद बंध गई है। सीएम जयराम ठाकुर ने तर्क दिया था कि लेह से समीप होने के कारण इस हवाई अड्डे का सामरिक महत्व है। इस हवाई अड्डे के निर्माण की अनुमानित लागत 300 करोड़ रुपये है। उन्होंने प्रदेश में रेल और हवाई संपर्क के साधन सीमित होने का तर्क भी दिया था।
सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने की भी हिमाचल प्रदेश को उम्मीद है। अमेरिका से सेब आयात करने के लिए इसे 70 फीसदी किया जा चुका है। अन्य देशों के लिए यह 50 फीसदी है। हिमाचल सरकार ने इसे सभी देशों के लिए बढ़ाकर 100 फीसदी करने का मामला उठाया है।
जून के बाद हिमाचल को नहीं मिलेगी जीएसटी प्रतिपूर्ति, राजस्व घाटा अनुदान भी घटेगा
जून 2022 के बाद हिमाचल के लिए केंद्र से मिलने वाली जीएसटी प्रतिपूर्ति घट जाएगी। यह प्रदेश के करों को खत्म कर जीएसटी लागू होने की एवज में मिलती रही है। यही नहीं, अब राजस्व घाटा अनुदान भी घट जाएगा। अगले वित्त वर्ष में केंद्र से करीब 12 हजार करोड़ रुपये की ग्रांट कम होने वाली है। ऐसे में हिमाचल को उम्मीद है कि चुनावी वर्ष में इस बारे में राहत मिल सकती है।