नगर निगम चुनावों की अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले सरकार ने नगर निगम आयुक्त को बदल दिया है। चुनाव से ठीक पहले किए गए इस फेरबदल को सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी एडीएम लॉ एंड आर्डर जीसी
नेगी को नगर निगम कमिश्नर का दायित्व सौंपा गया है। मई में होने वाले नगर निगम चुनावों के लिए इसी माह अधिसूचना जारी होने वाली है। सरकार के इस फैसले को निगम चुनावों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
ज्ञान सागर नेगी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विश्वसनीय अधिकारियों में गिने जाते हैं। एडीएम लॉ एंड आर्डर से पहले नेगी दो बार एसडीएम शिमला के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। शिमला में बतौर ज्वाइंट कमिश्नर ट्रांसपोर्ट भी नेगी ने सेवाएं दी हैं। किन्नौर की भावा
वैली से संबंध रखने वाले नेगी एडीएम लॉ एंड आर्डर से पहले एडीएम प्रोटोकॉल के पद पर भी रह चुके हैं। अक्तूबर 2016 में विश्वविद्यालय में हुए दंगों को नियंत्रित करने में बतौर एडीएम लॉ एंड आर्डर नेगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हो रहे नगर निगम चुनावों को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इस बार नगर निगम चुनावों में सरकार की साख पूरी तरह दाव पर है। पिछले चुनावों को छोड़ कर शिमला नगर निगम पर हमेशा कांग्रेस का कब्जा रहा है। बीजेपी का यहां कभी भी मेयर, डिप्टी मेयर नहीं बना।
लेकिन इस बार परिस्थितियां भिन्न हैं। मौजूदा नगर निगम का कार्यकाल 5 जून को खत्म होने वाला है। चुनावों से पहले सरकार नगर निगम के वार्डों की संख्या 25 से बढ़ कर 34 कर चुकी है। इतना ही नहीं नगर निगम चुनाव पार्टी सिंबल पर न करवाने का भी फैसला लिया जा चुका है।
निगम की माली हालत सुधारने का श्रेय पंकज राय को
अब तक नगर निगम के आयुक्त रहे पंकज राय को निगम की माली हालत सुधारने का श्रेय जाता है। जिस समय पंकज राय ने निगम आयुक्त का पद संभाला था, कर्मियों को सैलरी देने के लिए हर महीने एफडी तोड़ी जाती थी। अब निगम के पास 70 से 80 करोड़ की एफडी है।
अमृत मिशन में शहर के लिए 238 करोड़ लाने, स्वच्छता मिशन में शहर की रैंकिंग को 292 से 27 वें स्थान पर पहुंचाने, नगर निगम हेल्प लाइन 1916, स्वच्छता वाहन सेवा और निगम सुविधा केंद्र शुरू करने, पानी और टैक्स के बिल ऑनलाइन जमा करने की सुविधा देने, छोटा शिमला, संजौली और लिफ्ट कार पार्किंग शुरू करने का श्रेय पंकज राय को जाता है।