जांच में कई सुपरवाइजरों की मनमानी पकड़ी भी गई। इसके बाद निगम ने मशीनों के जरिये शुल्क लेने का फैसला लिया है। इन मशीनों से हेराफेरी नहीं हो पाएगी। महापौर ने कहा कि अगले एक माह के भीतर शहर के सभी वार्डों में इन मशीनों के जरिये शुल्क वसूली की जाएगी।
इस मौके पर कैथू वार्ड के पार्षद सुनील धर, एसमी के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एचआर ठाकुर, प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर डॉ. डीपी सिंह, सफाई निरीक्षक और सैहब सोसायटी के तीनों वार्डों के सुपरवाइजर मौजूद रहे।
मशीनों में पहले से ही हर उपभोक्ता का रिकॉर्ड दर्ज होगा। बाकायदा हर उपभोक्ता का अलग आईडी नंबर बनाया गया है। यही नहीं जिन तीन वार्डों में इसे शुरू किया है, वहां सर्वे कर उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड लिया है।
मशीन का फायदा यह होगा कि सुपरवाइजर फर्जी रसीदें तैयार नहीं कर पाएंगे। वार्ड में कितने उपभोक्ता हैं और कितनों ने शुल्क नहीं चुकाया है, इसका निगम के पास पुख्ता रिकॉर्ड रहेगा।