हिमाचल में स्क्रब टायफस की चपेट में आ रहे लोगों के स्वास्थ्य को लेकर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। अब स्क्रब टायफस के टेस्ट सभी सिविल अस्पतालों और सीएचसी में भी किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और अगले हफ्ते प्रदेश स्तर पर यह सुविधा शुरू हो जाएगी। यह टेस्ट फ्री होगा।
मरीजों को पहले इस टेस्ट के लिए जिला अस्पताल या फिर आईजीएमसी जाना पड़ता था, लेकिन अब प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रब टायफस को गंभीरता से लिया और इस पर अंकुश लगाने के लिए कमर कस ली है। स्क्रब टायफस के मरीजों को अब उपचार के लिए इधर-उधर न जाना पड़े ऐसे में अब प्रदेश के सभी सिविल अस्पतालों में टेस्ट की सुविधा उपलब्ध की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ सुशील चंद्र शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते से जिला के सभी सिविल और सीएचसी में स्क्रब टायफस के टेस्ट के लिए रेपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीपी) किट प्रदान की जाएगी। इस किट में 30 टेस्टों की सुविधा होगी।
शिमला भेजी ऑडिट रिपोर्ट: सीएमओ
पिछले सप्ताह आईजीएमसी शिमला में कुल्लू जिला के दो स्क्रब टायफस के मरीजों की मौत की ऑडिट रिपोर्ट बंजार और आनी के बीएमओ को मिल गई है। इसमें मृतक मरीजों के स्क्रब टायफस के अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित होने की भी बात सामने आई है। सीएमओ कुल्लू डॉ सुशील चंद शर्मा ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट शिमला भेज दी है।
सरकार ने विभाग को जारी किए निर्देश: कौल
स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने बताया कि हिमाचल के सभी सिविल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों को स्क्रब टाइफस के टेस्ट की सुविधा उपलब्ध करने के लिए विभाग को आदेश जारी कर दिए हैं। अस्पतालों में लोगों को इस बीमारी की दवाइयां उपलब्ध करने के साथ साथ जानकारी देने को भी कहा गया है।