केंद्र सरकार ने हिमाचल के लिए एक किलोवाट पावर के 250 सोलर प्लांट मंजूर किए हैं। पहले चरण में एक महीने के भीतर हिमाचल के जनजातीय इलाकों के सौ घरों में ये मुफ्त प्लांट लगाए जाएंगे। घरों का चयन जिला प्रशासन करेगा। केंद्र इसके लिए 30 प्रतिशत जबकि हिमाचल जनजातीय विभाग 70 प्रतिशत सब्सिडी देगा।
एक सोलर प्लांट पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च आएगा। प्रदेश के किन्नौर, लाहौल स्पीति और भरमौर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में ये सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे।
हिम ऊर्जा ने 17 मई तक प्लांट लगाने वाली कंपनियों से टेंडर आमंत्रित किए हैं। इसी दिन प्रदेश में 100 सोलर प्लांट लगाने का काम अवार्ड हो जाएगा। बैटरी बैकअप के साथ ये सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इन्हें ऑफ ग्रिड प्लांट भी कहा जाता है। इनसे पैदा होने वाली बिजली को घरेलू प्रयोग के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
सामान्य इलाकों में खर्च करने पड़ेंगे 1.45 लाख
जनजातीय इलाकों के अलावा अगर कोई व्यक्ति एक किलोवाट पावर का सोलर प्लांट लगाना चाहता है तो करीब 1.45 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे। ऐसे लोगों को केंद्र से मंजूरी के बाद तीस प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी।
कोई भी लगा सकता है सोलर प्लांट
घर की छत पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बेचने वाली योजना के तहत केंद्र 70 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रहा है। 1 से 500 किलोवाट तक के सोलर प्लांट लगाए जा सकते हैं। इस योजना के तहत बैटरी बैकअप नहीं मिलेगा। सोलर पावर पैदा करने वालों से बिजली बोर्ड पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदेगा। बिजली बोर्ड के ग्रिड से सोलर प्लांट को कनेक्टिविटी दी जाएगी।
हिम ऊर्जा के सीईओ भानू प्रताप सिंह ने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में एक किलोवाट पावर के 100 सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं। अब जिला प्रशासन ऐसे घरों का चयन करेगा।