दो अक्तूबर गांधी जयंती से देशभर में सिंगल प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगने से पहले जिला ऊना प्रशासन लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान छेड़ेगा। पहले चरण में प्रशासन सरकारी स्कूलों में कपड़े के बैग वितरित करेगा। दूसरे चरण में कपड़े के और बैग तैयार करवाए जाएंगे। बैग बनाने में स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जाएगी। प्रशासन बैग बनाने की एवज में सिलाई का मेहनताना भी सुनिश्चित करेगा।
उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से परहेज करने का आह्वान किया है। इसी दिशा में जिला प्रशासन ने सरकारी स्कूलों में कपड़े के बैग निशुल्क बांटने का निर्णय लिया है। दो अक्तूबर से जिले के स्कूलों में प्रथम चरण में लगभग 15 हजार कपड़े के बैग बांटकर प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने पर जागरूक किया जाएगा।
कुछ दुकानों पर यह बैग बिक्री के लिए उचित दाम पर उपलब्ध रहेंगे। बताया कि प्लास्टिक के बारे में जन जागरूकता लाने को सभी एसडीएम, खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी व्यापार मंडलों के साथ बैठकें कर प्लास्टिक की रोकथाम में सहयोग की अपील करेंगे। दो अक्तूबर तक अधिकारी निरंतर फील्ड में जाकर प्लास्टिक के इस्तेमाल पर औचक निरीक्षण भी करेंगे।
डीसी ने मांगा जन सहयोग
उपायुक्त संदीप कुमार ने लोगों से बैग बनाने के लिए कपड़ा दान में देने की अपील की है। डीसी ने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, उद्योग विभाग तथा बैंक भी इस काम में सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में जो भी व्यक्ति बैग बनाने के लिए कपड़ा दान में देना चाहता है, वह परियोजना अधिकारी डीआरडीए ऊना के कार्यालय में संपर्क कर सकता है। लोग बाजार से खरीदारी के लिए जब भी निकलें, कपड़े या जूट का बैग साथ लेकर जाएं।