प्रदेश के दूसरे बड़े अस्पताल टांडा मेडिकल कॉलेज में फ्री मेडिसन सुविधा मिलने जा रही है। मरीजों को यह सुविधा एनआरएचएम के तहत मुहैया करवाई जाएगी। रोजाना हर वर्ग के हजारों मरीजों को दवाइयां निशुल्क मिलेंगी। इससे सबसे ज्यादा फायदा मध्यमवर्ग के लोगों को मिलेगा।
इससे पहले यह सुविधा आईजीएमसी शिमला में मिल रही है। मरीजों को यह सुविधा जन औषधि केंद्र के माध्यम से मिलेगी। इस सेवा को शुरू करने के लिए टीएमसी प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इससे पहले टीएमसी में बीपीएल और आईआरडीपी वर्ग के लोगों को ही निशुल्क दवाइयां मुहैया करवाई जा रही थीं।
अन्य वर्ग से संबंधित लोगों को डिस्पेंसरी में लिखी गई कुछेक दवाइयां ही मुहैया करवाई जाती थीं। अन्य दवाइयों को मरीजों को बाजार से महंगे दामों में मेडिकल स्टोरों से खरीदना पड़ता था। अब टीएमसी प्रशासन मुफ्त दवा वितरण के लिए जन औषधि केंद्र के बाहर निशुल्क दवा वितरण का बोर्ड भी लगाएगा।
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. अनिल चौहान ने कहा कि आईजीएमसी के बाद टीएमसी में भी फ्री दवा सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। इसके लिए कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही लोगों को यह सुविधा मिलेगी। टांडा मेडिकल कॉलेज में हर रोज 1500 से 2 हजार के करीब मरीज उपचार करवाने आते हैं। इसके अलावा सैकड़ों मरीज उपचार के लिए भर्ती किए जाते हैं।
टांडा मेडिकल कॉलेज का जन औषधि केंद्र दवा वितरण में देशभर में पहले स्थान पर रहा है। हर रोज टीएमसी में जन औषधि केंद्र से लाखों रुपये की दवा वितरित हो रही है। इसकी मॉनीटरिंग दिल्ली में हुई है। इसमें देशभर में सबसे ज्यादा दवाइयां टीएमसी के औषधि केंद्र से वितरित हुई हैं। मुनाफा ज्यादा होने पर अब टीएमसी में फ्री दवा सुविधा मुहैया करवाई जा रही है।