प्रदेश में फूड लाइसेंस के रिन्यूवल पर लगने वाली पैनल्टी में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। शिकायत पर मंडी विजिलेंस थाने में केस दर्ज हुआ है। मंगलवार को विजिलेंस ने मंडी शहर के एक साइबर कैफे में दबिश देकर कंप्यूटर, मुहर, प्रिंटर और पैनड्राइव बरामद किए हैं। वहीं जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन कार्यालय मंडी का रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया है। अब संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में हैं। बता दें कि स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन कार्यालय खाद्य सुरक्षा से संबंधित लाइसेंस बनाने का काम करता है।
पांच साल के लिए बनने वाले लाइसेंस की फीस 500 से 10,000 रुपये तक है। जिले भर में कई कारोबारी समय पर लाइसेंस रिन्यू नहीं करवा पाए। अधिकारियों ने ऐसे लोग चिह्नित कर उनसे 10 से 15 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया। उन्हें राशि कोषागार के अकाउंट में ऑनलाइन जमा करवाने को कहा, लेकिन यहां लोगों से पैसे नकद लिए गए, लेकिन रसीद में जिक्र नहीं किया कि जुर्माना राशि किसने भरी। विजिलेंस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं सीएमओ डॉ. देवेंद्र ने कहा कि जांच में स्वास्थ्य विभाग पूरा सहयोग देगा।