हिमाचल के शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तहत सुन्नी में सड़क हादसे में छह कश्मीरी मजदूरों की मौत हो गई। जबकि छह लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का उपचार इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएसी) शिमला में चल रहा है। हादसा कैसे हुआ, इसके बारे में फिलहाल पता नहीं चला है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है और छानबीन शुरू कर दी है।
हादसा सोमवार सुबह करीब 7 बजे किंगल-बसंतपुर मार्ग पर ग्राम पंचायत डुमैहर क्षेत्र में हुआ। पुलिस के मुताबिक 12 लोग एक पिकअप वाहन में सवार होकर सुन्नी होते हुए मंडी की तरफ जा रहे थे। कढारघाट के पास चालक के नियंत्रण खो देने से पिकअप सड़क से करीब 80 मीटर गहरे नाले में जा लुढ़की। हादसे की भनक लगने पर स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके की ओर दौड़े और साथ पुलिस को भी सूचना दी।
गहरी खाई में गिरने से पिकअप के परखच्चे उड़ गए। हादसे में तीन लोगों ने मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा। एक ने सुन्नी अस्पताल और दो ने शिमला लाते समय दम तोड़ा। इनकी पहचान गुलाम हसन (43), शबीर अहमद (19), फरीद (24), तालीब (23) निवासी कुडवालटी गुनाड़, बारीपुरा कुद तहसील देवसर कुलगाम, गुलजार (30) और मुस्ताक (30) ब्लटैगुनाड़, कायलू तहसील एवं जिला कुलगाम जम्मू कश्मीर के रूप में हुई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील नेगी ने बताया कि सुन्नी में पिकअप के खाई में गिरने से छह लोगों की मौत हुई और इतने ही लोग घायल हुए हैं। चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। बताया कि मरने वाले सभी मजदूर ठेकेदार के पास काम करते थे और घायल भी। घायलों का आईजीएमसी में उपचार चल रहा है।
ये लोग हुए हैं घायल
पिकअप हादसे में चालक रंजीत कंवर (21) निवासी बसंतपुर शिमला, असलम (18) निवासी बेरीनाग अनंतनाग कश्मीर, मंजूर अहमद (17), तालीब हुसैन (21) ब्लटैगुनाड, कुलगाम जम्मू कश्मीर, आकाश कुमार (16), कालगदरसु, विकासनगर, देहरादून और अजय ठाकुर (26) निवासी सुंदरनगर मंडी के रूप में हुई है।
जम्मू कश्मीर से चार लोग एक हफ्ते पहले आए थे सुन्नी
बताया जा रहा है गुलाम हसन, शबीर अहमद, फरीद और गुलजार करीब एक हफ्ते पहले जम्मू कश्मीर से सुन्नी आए थे। यहां एक ठेकेदार के पास सड़क पर डंगे लगाने का काम कर रहे थे। काम खत्म होने के बाद सभी लोग मंडी जा रहे थे, मगर हादसे का शिकार हो गए। ये चारों लोग एक ही गांव के रहने वाले थे।