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Baddi Accident: पुलिस मुस्तैद होती, हेलमेट पहने होते तो बच जाती जान

Mon, 20 Mar 2023 11:59 AM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)/बदायूं

सार

चार युवा बाइक पर बिना रोकटोक के जा रहे थे। जब बाइक पर जगह न मिली तो एक युवक पेट्रोल की टंकी पर बैठ गया। इतनी तेजी से यह बाइक सवार जा रहे थे कि अपनी साइड पर जा रही बस से सीधा टकरा गए और चारों बुरी तरह से घायल हो गए और मौत हो गई।
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बद्दी में बस से टकराकर गिरी बाइक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बीबीएन में पुलिस मुस्तैद होती तो चार युवकों की जान बच सकती थी। एक बाइक पर सवार होकर चारों युवक जा रहे थे। हेलमेट भी नहीं पहने थे। इस दौरान किसी ने इनको रोकने की जहमत नहीं उठाई। बीबीएन में एक दर्जन से अधिक औद्योगिक क्षेत्र हैं। जहां से सुबह व शाम कंपनियों में जाने वाले कामगार यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।

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रविवार तड़के 30 साल से कम आयु के चार युवा बाइक पर बिना रोकटोक के जा रहे थे। जब बाइक पर जगह न मिली तो एक युवक पेट्रोल की टंकी पर बैठ गया। इतनी तेजी से यह बाइक सवार जा रहे थे कि अपनी साइड पर जा रही बस से सीधा टकरा गए और चारों बुरी तरह से घायल हो गए और मौत हो गई।  जब यह घटना हुई तो मौके पर पुलिस नहीं थी।

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वर्तमान में पंजाब के हालात खराब होने से बार्डर पर पुलिस तैनात की हुई है। बीबीएन में बिना हेलमेट और ट्रिपल राइंडिग आम बात है। यह पहली घटना नहीं है। माह पूर्व बद्दी ट्रक यूयिनन से बाईपास मार्ग पर फायर आफिस के सामने एक बाइक पर चार लोग सवार थे। इन बाइक सवारों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। यही नहीं ओवरटेक भी गलत दिशा से कर रहे थे। जिससे एक ट्रक की चपेट में आ गए और इन चार में से दो की मौत हो गई है।

यही नहीं रविवार सुबह सवारघाट मार्ग पर भी एक बाइक सवार की बस की चपेट में आने से मौत हो गई है। उधर, एसपी बद्दी ने यातायात सुचारु करने के लिए बद्दी दौरे पर पुलिस महानिदेशक से भी पुलिस बल बढ़ाने की मांग की थी। डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने बताया कि यातायात पुलिस जगह-जगह नाके लगा कर वाहन चालकों को जागरूक करने के साथ चालान भी कर रही है। इस मार्ग पर इतना ज्यादा ट्रैफिक नहीं है। 

चंद्रपाल ने पिता से होली के बाद घर आने का किया था वादा
हिमाचल में हादसे का शिकार हुआ चंद्रपाल चार साल पहले मजदूरी करने वहां गया था। तबसे वह सिर्फ दो बार गांव आया था। जब पिता ने होली पर उससे घर आने को कहा तो उसने काम ज्यादा होने की वजह से बाद में आने का वादा किया था। होली के बाद परिजन उसके घर आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन उसकी मौत की खबर आई। इसके बाद परिजन रविवार को बद्दी रवाना हो गए। गांव के लोगों ने बताया कि चंद्रपाल चार साल पहले हिमाचल गया था।
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उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उसने वहां जाकर अपना नाम चंद्रपाल से चंद्रसेन रख लिया था। गांव में सभी उसे चंदू नाम से पुकारते थे। इस होली पर उसके पिता रम्मूलाल ने घर आने को कहा तो काम ज्यादा होने की बात कहते हुए चंद्रसेन ने घर आने से मना कर दिया। रविवार सुबह उसकी मौत की खबर मिली तो परिवार वाले हिमाचल को रवाना हो गए।

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