मेयर से मंत्री ने बात कर दिया आश्वासन, बोले-लकड़ी भी मुफ्त में मुहैया करवाएगा विभाग
पहले विभाग ने रोक दिया था शेड काकाम
शिमला। राजधानी में कोरोना पीड़ित लोगों के दाह संस्कार के लिए अस्थायी शेड बनाने का काम रोकने वाला वन विभाग अब खुद यह शेड तैयार करके देगा। यही नहीं, दाह संस्कार के लिए लकड़ी भी निशुल्क मिलेगी।
राजधानी में कोरोना के लगातार बढ़ते कहर के बीच वनमंत्री राकेश पठानिया ने मामले पर गंभीरता दिखाते हुए शुक्रवार को नगर निगम महापौर सत्या कौंडल से फोन पर बात की। कहा कि इस संकट की घड़ी में सभी को मिलकर काम करना है। मंत्री ने मेयर को भरोसा दिया कि कनलोग में बनने वाले तीन अस्थायी शेड अब वन विभाग खुद शनिवार तक तैयार करके देगा। यही नहीं, दाह संस्कार में कोई परेशानी न आए, इसके लिए रोजाना निशुल्क लकड़ी की सप्लाई भी दी जाएगी।
वनमंत्री ने कहा कि शेड बनाने को लेकर आ रही परेशानी के लिए नगर निगम को उनसे बात करनी चाहिए थी। वह हमेशा मदद को तैयार हैं। भरोसा दिलाया कि इस संकट के समय सभी महकमे मिलकर काम करेंगे। मेयर सत्या कौंडल ने इस मदद के लिए वनमंत्री का आभार जताया। मेयर ने शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का भी आभार जताया जिन्होंने इस मामले को सीएम के समक्ष उठाया था।
दाह संस्कार पर खड़ा हो गया था संकट
राजधानी में कोरोना से होने वाली मौतों के बाद शवों को दाह संस्कार के लिए कनलोग श्मशानघाट लाया जा रहा है। यहां एक साथ पांच शव जलाने की क्षमता है लेकिन बीते कई दिन से मौत का आंकड़ा पांच से ज्यादा हो रहा है। इसे देखते हुए नगर निगम ने कनलोग में खाली पड़ी वन भूमि पर तीन अस्थाई शेल्टर बनाने का काम शुरू किया था। लेकिन वन विभाग ने इसे रोक दिया। विभाग का कहना था कि एफसीए की मंजूरी के बिना शेल्टर नहीं बना सकते। इसके बाद शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सीएम के समक्ष इस मामले को उठाया था। मंत्री का कहना था कि एक ओर हिमाचल ऑक्सीजन देकर दिल्ली तक मदद पहुंचा रहा है, लेकिन दूसरी ओर वन विभाग दाह संस्कार के लिए शेल्टर तक नहीं बनने दे रहा।