एफएसएल टीम के साथ फिर नशा मुक्ति केंद्र पहुंची टीम अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नशा मुक्ति केंद्र न्यू मझार ब्यूलिया में पूर्व सैनिक के साथ पाइप से मारपीट की गई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने यह खुलासा किया है। अब पुलिस मारपीट में इस्तेमाल किए पाइप की तलाश कर रही है। इसको लेकर आसपास के जंगल को भी छाना गया लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई है।
वहीं सोमवार को पुलिस की टीम एक बार फिर एफएसएल विशेषज्ञों के साथ नशा मुक्ति केंद्र में पहुंची और वहां पर स्पॉट की दोबारा से गहनता से जांच की गई। पुलिस इस मामले में पाइप के साथ ही उस गद्दे की तलाश भी कर रही है, जिसमें मारपीट के बाद संदीप को लिटाया गया था। पुलिस ने इस मामले में गैर ईरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। वर्तमान में सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं। अब पुलिस पुलिस पाइप और अन्य सामान की बरामदगी के लिए आरोपियों को दोबारा से पुलिस रिमांड पर लेने का अदालत से आग्रह कर सकती है। सीसीटीवी फुटेज का डाटा रिट्रीव होने के बाद मामले में पुलिस के हाथ कई और सुबूत लग सकते हैं। यह सीसीटीवी फुटेज नशा मुक्ति केंद्र के भीतर की है। इस मामले में केंद्र के निदेशक प्रत्युष ठाकुर, स्टाफ सदस्य कार्तिकेय शर्मा, अरुण शर्मा और हिमांशु दुल्टा को गिरफ्तार किया है। यही लोग संदीप को मारपीट के अगले दिन पहले पंथाघाटी के निजी अस्पताल और फिर आईजीएमसी लेकर गए थे।
संदीप की पत्नी की शिकायत पर पहले थाना सदर में मामला दर्ज किया गया था लेकिन जांच में नशा मुक्ति केंद्र में मारपीट की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामला छोटा शिमला पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। अभी तक की जांच में सामने आया है कि नशा मुक्ति केंद्र में 12 नवंबर को पूर्व सैनिक संदीप के साथ मारपीट हुई थी। अगले दिन तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर चोटों के कई निशान के साथ ही नीले पड़ चुके घाव भी थे। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की और गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसमें मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।