फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा, लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Sun, 06 Jun 2021 07:12 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा (69) का शनिवार सुबह 5:30 बजे पीजीआई चंडीगढ़ में देहांत हो गया था। कोरोना से ठीक होने के बाद पोस्ट कोविड प्रभाव के चलते बीमार होने पर उन्हें करीब 22 दिन पहले पीजीआई में दाखिल किया था। 
विज्ञापन
नरेंद्र बरागटा पंचतत्व में विलीन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक, मुख्य सचेतक एवं पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा (69)  पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। रविवार को पैतृक गांव टहटोली स्थित शमशानघाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। रविवार दोपहर एक बजे  पैतृक गांव टहटोली में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। दोनों बेटों चेतन बरागटा और ध्रुव बरागटा ने उन्हें मुखाग्नि दी। 

विज्ञापन


मंत्री सुरेश भारद्वाज, राकेश पठानिया, डॉ. राजीव सैजल, वीरेंद्र कंवर, सांसद इंदू गोस्वामी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा, माकपा विधायक राकेश सिंघा, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा सहित कई नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और इलाके के लोगों ने टहटोली पहुंच कर बरागटा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर कोटखाई-जुब्बल के लोगों ने भी अपने नेता को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। गमगीन माहौल में मंत्री सुरेश भारद्वाज व राकेश पठानिया की आंखों से भी आंसू छलक पड़े।  मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सदन की बुलंद आवाज आज हमने खो दी है और इसका मलाल हमेशा रहेगा।
विज्ञापन


बीते शनिवार सुबह नरेंद्र बरागटा का निधन हो गया था। वह कोरोना से ठीक होने के बाद पोस्ट कोविड इफेक्ट से जूझ रहे थे। 20-25 दिनों से पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती थे। अंतिम यात्रा के दौरान टहटोली गांव दोपहर तब नरेंद्र बरागटा अमर रहे के नारों से गूंजता रहा।

उनके पार्थिव शरीर को टहटोली में शनिवार शाम से अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। उल्लेखनीय है कि बरागटा ने कई मोर्चों पर किसानों-बागवानों की लड़ाई लड़कर उनके हक दिलाए। बीते दिनों पंचायत चुनाव के बाद गांव में उन्होंने लोगों के सामने अपनी योजनाओं को साझा भी किया था पर क्या मालूम था कि वह इस तरह चले जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें