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Shimla: पूर्व डीआईजी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

Wed, 17 Jun 2026 08:58 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एवं पूर्व डीआईजी विनोद धवन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। 
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पूर्व डीआईजी विनोद धवन(फाइल)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एवं पूर्व डीआईजी विनोद धवन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। धवन ने मुख्यमंत्री को खुला पत्र लिखकर उनका ध्यान हाल ही में हुई एक गोलीकांड की घटना को ओर दिलाया है। इसमें कहा गया है कि यदि पीड़िता की ओर से समय रहते की गई शिकायतों और 112 हेल्पलाइन पर मिली सूचनाओं को गंभीरता से लिया जाता तो घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा कि जनता केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा रखती है। धवन ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार इन चिंताओं को गंभीरता से लेगी। पत्र के अंत में यह चेतावनी दी गई है कि यदि इन मुद्दों पर समय रहते गंभीर कदम नहीं उठाए गए।

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नागरिक को उपलब्ध सांविधानिक और न्यायिक विकल्पों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
धवन ने बुधवार को जारी बयान में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पुलिस बल की कमी को उजागर करते हुए कहा कि पुलिस की गैर पुलिस कार्यों में तैनाती और प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता की कमी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर सरकार की चिंता के बावजूद उच्च कार्यालयों के सौंदर्यीकरण और गैर जरूरी खर्चों पर जनता में प्रश्न उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण आत तक जनता के मन में बड़ा प्रश्न बना हुआ है। पूर्व डीआईजी ने मुख्यमंत्री से कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और पुलिस विभाग में आरटीआई व्यवस्था को ठीक नहीं करने की निष्पक्ष समीक्षा का आग्रह किया है। उन्होंने सार्वजनिक संस्थानों की कार्यप्रणाली की भी निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र में संस्थाएं किसी व्यक्ति से बड़ी होती हैं।

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