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पूर्व डीजीपी मन्हास के बेटे पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, जमानत याचिका खारिज

Fri, 27 Sep 2019 08:15 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास के बेटे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। शुक्रवार को अमिल की अग्रिम जमानत याचिका पर न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत में सुनवाई होनी थी। लेकिन सुनवाई के दौरान अमिल कोर्ट में उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके। इसके बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

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याचिका खारिज होने के साथ ही अब अमिल पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। ऊना में एक्साइज विभाग के साथ शराब की 2 फर्मों की ओर से करीब 2 करोड़ 63 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ऑडिट के दौरान पाया गया था कि शराब की फर्मों  के लाइसेंस धारक रोहित कुमार की ओर से जमा किए गए ई-चालान का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। सत्यापन के लिए सौंपे गए ई चालान फर्जी भी पाए गए।

जांच में यह भी पाया गया है कि प्रार्थी अमिल की ओर से दिया गया चेक बाउंस हो गया। इस मामले में एक्साइज विभाग ने विजिलेंस में मामला दर्ज करवाया है। मामले में हिमाचल प्रदेश के पूर्व डीजीपी की बहू हरप्रिया और और एक अन्य राहुल को नामजद किया गया। धोखाधड़ी के मामले में हरप्रिया मन्हास को हाईकोर्ट से अंतरिम अग्रिम जमानत मिली हुई है और उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई 4 अक्तूबर को निर्धारित की गई है।
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वहीं, जांच हुई तो बेटे अमिल मन्हास की भी भूमिका संदिग्ध मिली। अमिल को डर था कि विजिलेंस उसे गिरफ्तार कर सकती है इसलिए उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने 23 सितंबर को अमिल को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी। लेकिन शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने अमिल पेश नहीं हुए तो कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

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