पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में भंडारी ने कहा ‘अगर मेरा आचरण ठीक न होता तो कोर्ट मुझे क्लीन चिट नहीं देता। मुझे बेवजह के मामले में फंसाया गया।’उन्होंने अपने साथ हुई प्रताड़ना का भी खुलकर जिक्र किया।
किताब में फोन टैपिंग मामले की जांच के तहत कंप्यूटरों को कब्जे में लेने के लिए आधी रात के गैर कानूनी ऑपरेशन को अंजाम देने की बात लिखी है। भंडारी का कहना है कि जिस तरह से संबंधित कंप्यूटर विभिन्न हाथों में गए हैं, यह इंटेलिजेंस एजेंसियों की इतिहास में पहली बार हुआ होगा।
पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी की किताब ‘मिडनाइट रेड’ पुस्तक का विमोचन होने के तुरंत बाद इसकी प्रतियां बिना शुरू हो गईं। प्रकाशक पंकज शर्मा की मानें तो पहले दिन करीब 500 पुस्तकों की बिक्री हुई है। किताब का मूल्य 395 रुपये रखा गया है।