भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सोमवार को जब पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलने पहुंचे तो उनकी आंखें नम थीं। राजनीतिक विरोध से जुड़ी सभी कड़वी-मीठी यादें उनके मन-मस्तिष्क में घूम रही थीं, पर उन्होंने सब भुला दीं। वीरभद्र के 1993 के मुख्यमंत्री काल के दौरान नड्डा भाजपा विधायक दल के नेता थे। उस दौरान कांग्रेस के संचार घोटाले के खिलाफ जब नड्डा ने भाजपा विधायकों के साथ हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कई दिनों तक हंगामा किया तो नड्डा और पूर्व मंत्री एवं वर्तमान सांसद किशन कपूर सहित भाजपा के विधायकों को निलंबित किया गया था।
जब वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के खिलाफ सीबीआई और ईडी के केस बने तो भी दोनों के बीच दूरियां बढ़ीं। सोमवार को नड्डा जब वीरभद्र सिंह के परिवार से मिले तो राजनीतिक द्वेष और दुश्मनी की जगह मानवीय संबंध नजर आए। नड्डा सोमवार को वीरभद्र सिंह से मिलने बिलासपुर से शिमला पहुंचे। उन्होंने अपने कई कार्यक्रम भी बदल दिए। इससे सब हैरत में थे। पहले भी नड्डा को जब वीरभद्र सिंह के अस्पताल में भर्ती होने का पता चला था, तब भी उन्होंने नई दिल्ली के एम्स में शिफ्ट कराने की पेशकश की थी। इस संबंध में वीरभद्र के परिवार से संपर्क किया गया था।