पूर्व भाजपा विधायक विजय अग्निहोत्री
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विधानसभा क्षेत्र नादौन से पूर्व भाजपा विधायक विजय अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने पर सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की है। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा - सिरदर्द से बचने के लिए सिर नहीं काटना पड़ता है, इलाज करवाना पड़ता है, सीएम साहब।
इसी तरह एक अन्य ने लिखा
है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के योगदान को आप शून्य नहीं कर सकते। लगता है व्यवस्था परिवर्तन करते-करतेे आप अव्यवस्थित या विस्थापित न हो जाएं मुख्यमंत्री जी। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने के बाद सोशल मीडिया पर आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। एक तरफ जहां भाजपा समेत प्रदेश के बेरोजगार युवा सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता सोशल मीडिया पर सरकार के इस फैसले के बचाव में उतर आए हैं।
दोषियों पर कार्रवाई कर आयोग बहाल करें : धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि वर्ष 1998 से पूर्व पर्चियों पर भर्तियां होती थीं। इसलिए हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड (अब हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग) का गठन किया गया। अब यहां भी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। धूमल ने कहा कि गलतियों को सुधारा जाना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। युवाओं को मिलनी वाली सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग को बहाल करना चाहिए।