झंडूता से जेआर कटवाल, इंदौरा से रीता धीमान, भोरंज से कमलेश कुमारी और चंबा से पवन नैयर पहली बार भाजपा से विधायक बने। पांचवीं सीट अर्की से भाजपा की हार का कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का यहां से चुनाव लड़ना बताया जाता रहा है।
हालांकि, वीरभद्र सिंह को नए उम्मीदवार रत्न सिंह पाल ने भाजपा के सिटिंग विधायक गोविंद राम शर्मा को प्रचार में साथ लेकर करीब 6 हजार वोटों के मार्जिन से कड़ी टक्कर दी। ऐसे में ये पूर्व विधायक विधानसभा चुनाव के वक्त के अपने बलिदान को याद करवा रहे हैं और अपने लिए ओहदे चाह रहे हैं।
पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा का कहना है कि पार्टी उनके इस बलिदान से वाकिफ है। उन्हें इसका रिवार्ड जरूर मिलेगा। रिखीराम कौंडल ने कहा कि पार्टी जो ठीक समझेगी, उन्हें मंजूर होगा। मनोहर धीमान का कहना है कि उन्होंने प्रमुख नेताओं से बात की है।
उम्मीद है कि कोई न कोई पॉजिशन जरूर मिलेगी। डॉ. अनिल धीमान ने कहा कि पार्टी का आदेश मानते हुए उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को शानदार जीत दिलाई। औपचारिक तरीके से उन्होंने कुछ नहीं मांगा, मगर सरकार को जरूर सोचना चाहिए।