अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की आखिरी सांस्कृतिक संध्या राजनीति की भेंट चढ़ गई। रविवार शाम को सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे एक मंत्री की फरमाइश पर ही गाने बजते रहे। हद तो तब हो गई जब उस कलाकार ने चुनावी कैंपेन के दौरान बजने वाले गाने को ही मिंजर मेले की सांस्कृतिक संध्या में गाना शुरू कर दिया।
जैसे ही उसने गाना शुरू किया मंत्री महोदय के समर्थक पंडाल से उठ खड़े हुए और स्टेज के आगे नाचना शुरू कर दिया। भारी तादाद में मुख्यातिथि के साथ पहुंचे उनके समर्थन काफी देर तक स्टेज के पास नाचते रहे, मंत्री के नाम के जयकारे लगते रहे। पंडाल में सीटियों की आवाजें गूंजती रहीं। कुछ देर के लिए तो माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
समर्थकों को हुलड़बाजी करने से नहीं रोकने दिया
पुलिस कमियों ने जब समर्थकों को शांत करने के लिए आगे बढ़ने की कोशिश की तो मंत्री के इशारा करने पर कदम पीछे कर लिए। इस माजरे को देखने के बाद पुलिस और प्रशासन मूक बने रहे और मंत्री की मर्जी के मुताबिक मिंजर की सांस्कृतिक संध्या चलती रही। मौके की नजाकत को देखते हुए कुछ कलाकारों ने मंत्री का ही गुणगान किया।
वे यह भूल गए कि उन्हें लोगों के मनोरंजन के लिए बुलाया गया है। एक समय जब एंकर ने तय समय सीमा पर कार्यक्रम खत्म करने को कहा तो बीच में ही मंत्री साहब ने एंकर को ही रोक लिया और उसे कार्यक्रम जारी रहने का इशारा कर दिया। फिर क्या था जब तक मंत्री का दिल किया, कलाकार गाता रहा।
इसके बाद स्टेज पर पहुंची एक अन्य कलाकार ने पहले तो शो के मुताबिक गाने प्रस्तुत किए, लेकिन बैक स्टेज से कुछ फरमाइशें आ गईं और वह दर्शकों की पसंद को दरकिनार करते हुए फरमाइश के मुताबिक ही गाती रहीं।
मेले में अपना प्रचार करना ठीक नहीं : चौहान
सदर के विधायक बीके चौहान ने बताया कि वन मंत्री ने जिस प्रकार मिंजर मेले की सांस्कृतिक संध्या में अपना प्रचार करवाया, यह उचित नहीं है। ऐसी परंपराएं नहीं पालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं इसमें अपने गाने गंवाना अच्छी बात नहीं है।
इससे मेले के वजूद को खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भाजपा समर्थित विधायकों को निमंत्रण पत्र तक जारी नहीं किए थे। इसके अलावा कमेटी में भी कांग्रेस समर्थित सदस्य ही शामिल किए गए थे।
गुल हो गई बत्ती
मुख्यातिथि के पंडाल में पहुंचने के कुछ देर बाद अचानक बिजली गुल हो गई। करीब पांच मिनट तक बिजली गुल होेने से कार्यक्रम बंद रहा और लोगों से खचाखच भरे चौगान में सीटियां गूंजने लगीं। अंधेरे में हो रहे शोर शराबे को देख पुलिस कर्मी व बिजली बोर्ड के सदस्यों में अफरा तफरी मच गई।