सीआईडी की एसआईटी मंडी की कतांडा बीट में पेड़ से उल्टा लटके मिले फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत की अनसुलझी गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। सोमवार को टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पेड़ पर चढ़ने की सभी आशंकाओं को टटोला। आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।
हालांकि, सीआईडी के अधिकारी इस बात को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं कि आत्महत्या करने के लिए गार्ड पेड़ पर क्यों चढ़ा। फिलहाल एसआईटी मौत के कारण और फोन से जानकारी हासिल करने के लिए फॉरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
वहीं, मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों को करसोग जेएमआईसी कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें एक जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सूत्रों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर सीआईडी सभी आरोपियों को फिर से पुलिस रिमांड पर लेने की अपील कर सकती है। इससे इतर सीआईडी ने होशियार की डायरी और नोट्स के आधार पर मिली जानकारियों को भी खंगालना शुरू कर दिया है।
पेड़ पर चढ़ना एसआईटी के लिए भी अनसुलझी गुत्थी
सूत्रों की मानें तो टीम होशियार से जुड़े हर कर्मचारी, अधिकारी, ग्रामीणों तक से नए सिरे से बातचीत कर जानकारी जुटा रही है। आत्महत्या करने की जिन वजहों का जिक्र होशियार ने किया है, उनकी सत्यता को भी परखा जा रहा है ताकि आत्महत्या की थ्योरी को मजबूती दी जा सके।
बता दें कि होशियार सिंह की पेड़ से लटकी लाश मिलने के बाद शुरू से ही मंडी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने पहले हत्या का केस दर्ज किया, फिर इसे आत्महत्या में बदल दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए पुलिस की ओर से कहा गया कि जहर खाने के बाद होशियार सिंह पेड़ पर चढ़ा।
लाश उल्टा लटकने के सवाल का पुलिस अभी तक कोई जवाब नहीं दे पाई है। लोगों के आक्रोश और मीडिया के सवालों के बीच आनन-फानन में एएसपी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर दी गई।
इस पर भी लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ तो पुलिस मुख्यालय ने दखल देते हुए डीआईजी आसिफ जलाल को केस से जोड़ दिया। इसके चौबीस घंटे के भीतर जांच अचानक सीआईडी के हवाले करने का आदेश जारी हो गया।
बिसरा रिपोर्ट में मौत का कारण जहर निकला
दिनभर होशियार सिंह की बिसरा रिपोर्ट को लेकर चर्चा रही। बिसरा रिपोर्ट में भी होशियार की मौत का कारण जहर बताया जा रहा है। हालांकि अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है। एसपी मंडी पीके ठाकुर ने कहा कि यह रिपोर्ट सीआईडी को जाएगी।
लोकल पुलिस के पास यह रिपोर्ट नहीं आएगी। उधर सीआईडी के अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट अभी तक नहीं पहुंची है। वहीं पूरा केस अब एफसीएल की रिपोर्ट पर ही निर्भर है। जिसे जल्द आने की बात कही जा रही है।
वन विभाग के अफसरों ने साधी चुप्पी
सेरी कतांडा बीट में अवैध कटान के मामले में वन विभाग के अफसरों ने चुप्पी साध ली है। वहीं अतिरिक्त मुख्य अरण्यपाल एचएस डोगरा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है। जल्द रिपोर्ट सौंपी जाएगी, 15 दिन का समय मिला है।