प्रधानाचार्य डीआर भोगल, अध्यापकों और एसएमसी प्रधान जोगिंद्र सिंह ने सूझबूझ दिखाई और बच्चों को कमरों से निकाला। जोगिंद्र सिंह ने एसडीएम झंडूता को घटना की सूचना दी। एसडीएम ने तुरंत फायर ब्रिगेड घुमारवीं को मौके पर भेजा।
फायर बिग्रेड कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो तो कानूनगो वृत्त, आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी और दो तीन घर भी इसकी चपेट में आ जाते। स्थानीय बाजार की तरफ बीओ ज्ञान चंद ने दुकानदारों की सहायता से आग पर काबू पाया।
बीओ ज्ञान चंद ने कहा कि जंगल में आग लगाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जो भी जंगल में घास के लिए घेराबंदी करेगा, विभाग उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेगा। जंगल में आग लगाने वालों की सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा और पुरस्कार भी दिया जाएगा।