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अब बंदरों के पूरे झुंड को पकड़ेगा महकमा, इन राज्यों से बुलाई टीमें

Fri, 27 Jul 2018 11:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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बंदरों को पकड़ने के लिए प्रदेश वन विभाग ने अपनी रणनीति बदल दी है। अभी तक विभाग शिकारियों की मदद से एक-एक बंदर को पकड़कर उसे नसबंदी केंद्र पहुंचाता था। यहां नसबंदी के बाद इसे जंगल में छोड़ा जाता था। अब विभाग एक बार में ही बंदरों के पूरे झुंड को पकड़ेगा।

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इसके लिए यूपी और राजस्थान से विशेषज्ञों की पांच टीमें बुलाई गई हैं। ये टीमें इनकी हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। इनके सुबह उठने के बाद पहले भोजन से लेकर रहने के स्थान, आने-जाने के रास्तों का सर्वे कर रिकॉर्ड बनाया जा रहा है।

अगस्त अंत में टीमें बंदरों को पकड़ने का काम शुरू करेंगी। साथ ही वन विभाग नगर निगम शिमला और सभी नगर तथा ग्राम पंचायतों को पत्र लिखेंगी कि कूड़े को कवर करके ही रखा जाए। 
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अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरुण कपूर ने बताया कि इस साल 20 हजार बंदरों की नसबंदी का लक्ष्य रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर बंदरों को भगाने के तरीके बताए जाएंगे। बंदर मारने को पंचायत स्तर पर कवायद की जा रही है। 

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इसलिए किया रणनीति में बदलाव

तरुण कपूर ने बताया कि अभी तक एक बार में एक बंदर पकड़कर नसबंदी की जाती थी। जिस झुंड से बंदर पकड़ा जाता था, वह सतर्क हो जाता था और पलायन करने के साथ आक्रामक हो जाता था। ऐसे में बंदरों को पकड़ने में मुश्किलें आ रही थीं।

अब एक बार में पूरे झुंड को पकड़कर उसके पात्र नर और मादाओं को नसबंदी के बाद छोड़ दिया जाएगा। साल 2015 में हुई गणना में बंदरों की आबादी करीब दो लाख दस हजार थी।

अब तीन साल बाद फिर से बंदरों की गणना कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में 1.07 लाख बंदरों की नसबंदी की जा चुकी है। इस साल भी बीस हजार बंदरों की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है। 
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