अगर बिजली उत्पादकों की वजह से प्रोजेक्ट लंबित हैं तो जुर्माना देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसमिशन लाइन न होने की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। भारत सरकार के साथ इस मामले को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है। जल्द ही प्रस्तावित प्रोजेक्टों को ध्यान में रखते हुए ट्रांसमिशन लाइनें बिछाने का काम शुरू हो जाएगा।
विभागीय मंजूरियों को जल्द देने के लिए संबंधित विभागों से बात की जाएगी। वित्तीय मामलों को लेकर बैंकों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने बताया कि चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिला में 25 मेगावाट से अधिक क्षमता के बिजली प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं।