शिमला जिले के कोटखाई और कुमारसैन में अवैध कब्जे हटाने की मुहिम शुरू हो गई है। हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को कोटखाई के चैंथला गांव में वन भूमि पर लगाए गए सेब के 100 पेड़ काटे गए। कुमारसैन के सराहन गांव में सेब, नाशपाती और चेरी के करीब 320 पेड़ों को काटा गया। चैंथला गांव में सेब के कुल 3800 पेड़ काटे जाने हैं।
वहीं, कुमारसैन में भी वन भूमि पर लगाए गए सेब के पेड़ कटने हैं। इससे पहले भी अपर शिमला में हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध रूप से वन भूमि पर लगाए गए सेब के पेड़ काटे जा चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, कोटखाई के चैंथला गांव में लोगों ने करीब पौने तीन सौ बीघा वन भूमि पर अवैध बगीचे लगाए हुए हैं। यहां वन भूमि पर सेब के करीब 3,800 पेड़ लगे हैं।
शनिवार को पहले दिन अवैध कब्जा हटाने के लिए शुरू की गई मुहिम के तहत 100 पेड़ काटे गए। इन पेड़ों पर फल लगे हुए थे। हाईकोर्ट ने हाल ही में कब्जे हटाने के आदेश पारित किए थे। वन विभाग की टीम पुलिस व प्रशासन की निगरानी में बारिश में पूरा दिन सेब के पेड़ों को काटने में व्यस्त रही। 15 सदस्यीय टीम पांच कटिंग मशीनों के साथ कब्जा हटाने में जुटी है। सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकार की ओर से पुलिस की छह टुकड़ियां मौके पर तैनात की गई हैं।
शनिवार को खराब मौसम के बाद दोपहर 1:30 बजे कार्रवाई शुरू हुई। हालांकि, बारिश के चलते बीच-बीच में बाधा आती रही। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले दिन शाम तक 100 पेड़ काटकर तीन खसरा नंबर की जमीन खाली करवाई गई। एसडीएम कोटखाई मोहन शर्मा ने कहा कि कोर्ट के आदेशानुसार चैंथला गांव में कार्रवाई की जा रही है। उधर, कुमारसैन तहसील की बड़ागांव पंचायत के सराहन गांव में भी हाईकोर्ट के आदेश के बाद वन भूमि पर सेब के बगीचों पर कार्रवाई की गई।
यहां सेब के अलावा नाशपाती और चेरी के करीब 320 पेड़ काटे गए। सराहन के चार लोगों के सेब के बगीचों में पौधे काटे गए। बचे हुए लोगों पर 14 जुलाई को कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एक मकान को भी कब्जे में लिया गया है, जिसमें तालाबंदी की गई है। वन मंडल कोटगढ़ के तहत आने वाली रेंज कुमारसैन और कानूनगो बड़ागांव के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। सेब, नाशपाती और चेरी के पेड़ों को काटकर कब्जा छुड़ाया गया। आरओ कुमारसैन अरुण कुमार ने बताया कि करीब 320 पौधे काटे गए। अगली कार्रवाई 14 जुलाई को अमल में लाई जाएगी।