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राजधानी में तेंदुए पकड़ने का अभियान बंद

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आदमखोर तेंदुआ और शावक पकड़ने पर लिया फैसला
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शावक अभी मादा तेंदुए से रहेंगे अलग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में मासूम बच्चों को उठाने वाले तेंदुए को पकड़ने के लिए चलाया अभियान वन विभाग ने तीन महीने बाद बंद कर दिया है। कनलोग से तेंदुए के शावक को पकड़ने के बाद विभाग ने मंगलवार से आधिकारिक तौर पर इस अभियान को बंद करने का फैसला लिया। अब जंगल में लगे सभी पिंजरे हटा दिए जाएंगे।
बीते साल चार नवंबर की रात डाउनडेल से तेंदुए ने मासूम बच्चे को उठा लिया था। इसके बाद से वन विभाग ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए शहर के जंगलों में अभियान चला रखा था। इस अभियान के तहत शहर में आधा दर्जन से अधिक पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए थे। 18 नवंबर को मादा तेंदुआ इनमें से एक पिंजरे में पकड़ी गई थी। वहीं बीते माह यूएस क्लब के पास इसका शावक पकड़ा गया। अब सोमवार को विभाग ने कनलोग में लगे एक पिंजरे से मादा तेंदुए के दूसरे शावक को पकड़ा है।
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वन विभाग ने इसे टुटीकंडी रेस्क्यू सेंटर में रखा है। इसे अभी अपनी मां से अलग रखा गया है। वन विभाग का कहना है कि जंगल में मादा तेंदुआ के तीन नहीं बल्कि दो ही शावक थे। कैमरों में भी इन दो शावकों की ही मूवमेंट नजर आई थी। पहले तीन शावक होने का दावा भी किया था लेकिन कैमरे की लाइट के चलते यह स्पष्ट नहीं था। बाद में मिली तस्वीरों में दो ही शावक दिखे थे और इन दोनों को ही अब पकड़ लिया है। वन विभाग की डीएफओ अनीता भारद्वाज ने कहा कि शहर में अब तेंदुओं को पकड़ने के लिए चलाया अभियान बंद किया जा रहा है। दोनों शावक और मादा तेंदुआ अभी टुटीकंडी रेस्क्यू सेंटर में ही रखे हैं।
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