चंबा के पांगी पहुंचने पर पंगवाली पकवानों का आनंद लेते पर्यटक।
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देश-विदेश के पर्यटकों को पांगी घाटी की खूबसूरत वादियां आकर्षित कर रही हैं। इतना ही नहीं, पांगी घाटी में पहुंचने वाले विदेशी मेहमान जहां सुराल, हुड़ान और धार्मिक तीर्थस्थल मिंधल के दर्शन कर रहे हैं। वहीं, विदेशी पर्यटकों को पांगी की हर्बल चाय समेत पांगी के देशी पकवान जैसे गुच्छी की कढ़ी, फूलन की रोटी, चुकरी की रोटी, सत्तू, दही व मक्खन खाने के लिए परोसे जा रहे हैं। पौष्टिकता से भरपूर खाने का स्वाद लेकर विदेशी मेहमान भी अब पांगी घाटी के मुरीद होते ही नजर आ रहे हैं।
वर्तमान समय में पांगी घाटी की खूबसूरत वादियों को निहारने के लिए देश समेत विदेशी पर्यटक पहुंच रहे हैं। पांगी घाटी के लोगों की ओर से विदेशी पर्यटकों का स्वागत पंगवाली पकवान से किया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्र पांगी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए जिला पर्यटन विभाग की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन स्थल सुराल, हुड़ान भटोरी, धार्मिक स्थल मिंधल तक 42 के करीब होम स्टे धारकों को परमिट जारी किए गए हैं। पांच को मॉडल होम स्टे का दर्जा मिला हुआ है। बाहरी राज्यों या देशों से वाया कुल्लू-मनाली होकर पांगी के फिंडरू गांव पहुंचने वाले मेहमानों को होम स्टे में पंगीवाली पकवान परोसे जा रहे हैं। बाहरी राज्यों और विदेशी मेहमानों को ये पकवान काफी पसंद आ रहे हैं।
सेवा संस्था के अध्यक्ष डॉ. हरीश शर्मा ने बताया कि संस्था की ओर से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांगी घाटी के पर्यटक स्थलों को ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से वर्ल्ड मैप पर प्रमोट किया जा रहा है। बताया कि जल्द घाटी के सभी होम स्टे धारकों को विदेशी प्रेरकों को गाइड करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्था की ओर से घाटी के सुराल व हिलूटवान भटोरी में टेलीस्कॉप स्थापित करवाए जाएंगे। इससे पर्यटक घाटी के खूबसूरत पहाड़ों समेत वन्य जीवों को नजदीकी से निहार सकते हैं।