हिमाचल प्रदेश की जल विद्युत परियोजनाओं में निवेश के लिए विदेशी बैंक तैयार हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक, फ्रेंज बैंक और जापान के जायका बैंक के प्रतिनिधियों ने अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह प्रदेश का दौरा किया था।
उनकी ओर से निवेश करने पर सहमति जताई गई है। सरकार को उम्मीद है कि विदेशी बैंकों के जल विद्युत परियोजनाओं में निवेश करने से प्रदेश की अर्थ व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही रोजगार का जरिया भी उपलब्ध हो पाएगा।
हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से शिमला, किन्नौर, चंबा और कुल्लू में लगभग तीन हजार मेगावाट जल विद्युत परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनके निर्माण के लिए लगभग आठ से दस हजार करोड़ रुपये की जरूरत है।
इतनी रकम जुटाना कारपोरेशन के बस की बात नहीं है। ऐसे में कारपोरेशन की कोशिश है कि विदेशी बैंकों की ओर से हिमाचल की जल विद्युत परियोजनाओं में निवेश किया जाए। फ्रेंच बैंक के तीन प्रतिनिधियों ने अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही शिमला, चंबा और कुल्लू का दौरा किया था।
इससे पहले जायका और एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के प्रतिनिधि हिमाचल दौरे पर आए थे। इन परियोजनाओं में निवेश करने को लेकर उक्त तीनों ही बैंकों की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं।
बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार के अफसरों और विदेशी बैंक के प्रतिनिधियों के बीच सहमति भी बन चुकी है। लोकसभा चुनाव के बाद इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की तैयारी है।