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दरकने लगे पहाड़, हिमाचल में फिर भारी बारिश की चेतावनी

Tue, 25 Jul 2017 11:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में अगले एक सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश के मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में भारी बारिश होने के आसार हैं। तीस जुलाई तक प्रदेश भर में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
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सोमवार को राजधानी शिमला सहित कई क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। चंबा के तीसा के सेरू गांव में एक कच्चे मकान की छत गिर गई। दूसरे कमरे में होने के चलते परिवार बाल-बाल बच गया। चंबा, कुल्लू और मंडी में दो दर्जन के करीब संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं। चंडीगढ़-मंडी-मनाली एनएच पर भी जगह-जगह ल्हासे गिरने का खतरा बना हुआ है।

सोमवार को शिमला में अधिकतम तापमान 22.3, ऊना में 35.0, नाहन में 29.4, सोलन में 26.8, कांगड़ा में 29.9, सुंदरनगर में 31.5, भुंतर में 31.5, हमीरपुर 32.8, बिलासपुर में 35.2, मंडी में 30.1 और मनाली में 23.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 
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भारी बारिश से हो रही तबाही, ठप हो रहा यातायात

भारी बारिश के कारण मंडी में काफी नुकसान हुआ है। 32 घंटे तक मंडी वाया कटौली कुल्लू मार्ग बाधित रहा। जबकि उतराशल और बरोट में निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। दो मकानों को खतरा पैदा हो गया है।

सरकाघाट-अवाहदेवी मार्ग पोल गिरने से बाधित रहा। पधर के कुफरी बाजार में बारिश और आंधी से पेड़ एक कार पर गिर गया। जिसे काफी नुकसान पहुंचा है। जबकि चंडीगढ़ मंडी मनाली एनएच पर भी जगह जगह ल्हासे गिरने का खतरा बना हुआ है।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई सड़कमार्ग मलबा गिरने और नाले आने से बंद हो रहे हैं। वहीं, दर्जनों घरों को खतरा पैदा हो गया है।
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मानसून सीजन में विशेष अभियान चलाने की तैयारी

सरकार ने मानसून सीजन में बीमारियों पर नियंत्रण को विशेष अभियान चलाने की कवायद शुरू कर दी है। सोमवार को मुख्य सचिव वीसी फारका ने सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग तैयार रहें, ताकि प्रदेश में जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।   उपायुक्तों को संक्रामक, जल जनित बीमारियों से बचाव तथा शीघ्र आवश्यक सुधारात्मक उपाय उठाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्तों को पर्यटकों, ट्रैकरों तथा आम जनता को बचाव उपायों से जागरूक करवाने को भी कहा। मुख्य सचिव ने प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव कम करने को संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने तथा आवश्यक सेवाओं की उचित देखभाल के लिए भी कहा।   निर्देश दिए कि राज्य भू विज्ञानी से आई रिपोर्टों के अनुसार भूस्खलन प्रवृत्त क्षेत्र, विशेषकर मंडी जिला में पंडोह, सिरमौर जिले में बनूर व मालगी तथा स्पीति के माणे गांव में जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में राजस्व तथा आपदा प्रबंधन के विशेष सचिव डीडी शर्मा ने कहा कि जिला स्तर पर उपलब्ध उपकरणों की स्रोत की सूची को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की वेबसाइट पर डाल दी गई है।   इस सूची को सभी हितधारक विभागों के तालमेल से नियमित तौर पर अपडेट किया जाना चाहिए। बैठक में राजस्व तथा आपदा प्रबंधन के अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर, प्रधान सचिव गृह प्रबोध सक्सेना, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य की प्रधान सचिव अनुराधा ठाकुर, नगर निगम शिमला के आयुक्त जीसी नेगी विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 
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