पेयजल संकट के चलते कंपनी ने लिया फैसला, नए कनेक्शन भी जारी रह सकती हैै रोक
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लोगों को नहीं मिलेंगे निर्माण कार्य के लिए पानी के कनेक्शन अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में भवनों समेत अन्य निर्माण कार्याें के लिए पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक लग गई है। पेयजल कंपनी ने बरसात तक शहर में निर्माण कार्याें के लिए पानी के कनेक्शन देने पर पाबंदी लगा दी है। साथ ही लोगों को पानी का सदुपयोग करने की अपील की है।
आमतौर पर निर्माण कार्याें के लिए पेयजल कंपनी लोगों को महंगी दरों पर पानी के कनेक्शन देती है। यह कनेक्शन अस्थायी होते हैं और कुछ समय बाद इन्हें बंद कर दिया जाता है। घरेलू कनेक्शन पर मिलने वाला पानी इन कार्यों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐसा करने पर कनेक्शन कट सकता है। कंपनी के अनुसार लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण पेयजल परियोजनाओं में जलस्तर घट रहा है। इसके चलते शिमला शहर में भी नियमित आपूर्ति देने में परेशानी आ रही है। कंपनी पेयजल आपूर्ति बढ़ाने के लिए वैकल्पिक स्रोतों को भी तलाश रही है। कंपनी के अनुसार आचार संहिता के चलते अभी जून तक सभी तरह के कनेक्शन देने पर रोक लगी है। यह रोक अब बरसात तक जारी रह सकती है। शहर में 34 है पेयजल उपभोक्ता हैं। कंपनी के एजीएम पीपी शर्मा ने कहा कि अभी निर्माण कार्याें के लिए कनेक्शन नहीं मिलेंगे। लोगों से अपील है कि वह पानी का सदुपयोग करें।
शहर से सटी पंचायतों में पानी के लिए मारामारी
शहर से सटी पंचायतों में पानी के लिए मारामारी चल रही है। शहर के साथ लगते महावीर घाटी, चमरोग, क्यारी, संकटमोचन में पांचवें और छठे दिन पानी आ रहा है। इन इलाकों में जलशक्ति विभाग पानी की आपूर्ति करता है। महावीर घाटी वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष भारत चड्ढा के अनुसार विभाग को कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन सभी चुनाव में ड्यूटी होने का बहाना बनाकर कार्रवाई से बच रहे हैं। कहा कि इस क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत चल रही है। समरहिल से सटे सांगटी में भी पेयजल संकट गहरा गया है। यहां तीसरे दिन भी सिर्फ डेढ़ घंटे के लिए पानी की आपूर्ति मिल रही है। कई बार तीसरे दिन भी पानी नहीं आता। इस क्षेत्र में विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र छात्राएं भी रह रहे हैं जिन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।