पहले स्थान पर सोलन जिले का जटोली मंदिर, दूसरे स्थान पर शिमला का जाखू मंदिर और तीसरे स्थान पर संकटमोचन मंदिर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जाखू मंदिर में भक्तों के लिए बनने वाला प्रसाद एवं भंडारा खाने के लिए सुरक्षित है। यहां का प्रसाद खाद्य सुरक्षा के मानकों पर खरा उतरा है।
खाद्य सुरक्षा के मानकों पर हिमाचल प्रदेश में 13 मंदिर भोग प्रमाणित हुए हैं। शिमला शहर के जाखू मंदिर, संकटमोचन और ढींगूधार मंदिर इनमें शामिल हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की सह आयुक्त डॉ. विजया ने इसकी पुष्टि की है। पहले स्थान पर सोलन जिले का जटोली मंदिर, दूसरे स्थान पर शिमला का जाखू मंदिर और तीसरे स्थान पर संकटमोचन मंदिर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जाखू मंदिर में भक्तों के लिए बनने वाला प्रसाद एवं भंडारा खाने के लिए सुरक्षित है। यहां का प्रसाद खाद्य सुरक्षा के मानकों पर खरा उतरा है। नई दिल्ली से इन्हें प्रमाणित किया गया है। प्रदेश भर के 13 मंदिरों में शिमला के जाखू स्थित हनुमान मंदिर को दूसरा स्थान मिला है।
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रविवार को शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने ईट राइट मेले के समापन कार्यक्रम में मंदिर प्रबंधन को सम्मानित भी किया है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की टीम ने शहर के चुनिंदा मंदिरों में यह सर्वे करवाया था। इसमें यहां बना भंडारा कितना सुरक्षित है आदि की जानकारी ली गई थी। विभाग की ओर से इस दौरान पूरे मापदंडों की पालना की गई थी। ईट राइट कैंपस के तहत सचिवालय की कैंटीन के खाने की गुणवत्ता भी बेहतर पाई गई हैं। इसके अलावा ट्रिपल एच को भी बेहतरीन हाईजिनरेटिंग में स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की ओर से बेहतरीन आंका गया है।