खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून 2006 के तहत फूड लाइसेंस बनाने की मियाद सोमवार को समाप्त हो गई है। अब फूड लाइसेंस बनाने वाले कारोबारियों को हर दिन के हिसाब से 100 रुपये जुर्माना चुकाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य शाखा के निरीक्षण में जिस कारोबारी के पास लाइसेंस नहीं मिलेगा, उसे छह माह की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून 2006 के तहत लागू संशोधन में 12 लाख रुपये तक के सालाना टर्न ओवर वाले व्यापारी का लाइसेंस बनाया जाना है।
12 लाख रुपये से कम सालाना टर्न ओवर वाले व्यापारी का पंजीकरण किए जाने का प्रावधान था। निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उमेश कुमार भारती का कहना है कि अब लाइसेंस बनवाने वालों को रोजाना 100 रुपये जुर्माना चुकाना होगा। स्वास्थ्य शाखा जल्द ही औचक निरीक्षण भी शुरू करेगी।
प्रसाद बेचने वालों से लेकर शादियों, भंडारों, मिड डे मील, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, क्लब, कैंटीन, शराब ठेके, होटल, मैरिज पैलेस में परोसे जाने वाले खाने, ठेले पर चाट, गोलगप्पे आदि बेचने वालों और दुग्ध उत्पादों का काम करने वालों को फूड सेफ्टी एक्ट के दायरे में रखा गया है। ब्यूरो