मंदिर में करीब 7 हवन कुंड हैं। इनमें रोजाना हवन होते हैं। हवन और अनुष्ठान का रेट 2100 से लेकर सवा लाख रुपये तक है, लेकिन मंदिर ट्रस्ट के खाते में सिर्फ 1100 रुपये जाते हैं। ट्रस्ट श्रद्धालु से 1100 रुपये की पर्ची काटता है। यहां सवाल यह उठता है कि अगर 11000 या सवा लाख रुपये का हवन अनुष्ठान हो तो 1100 रुपये के अलावा शेष राशि किस खाते में जाती है।
बगलामुखी मंदिर के पास सिर्फ 6 तोले सोना
अमर उजाला की ओर से ली गई आरटीआई में खुलासा हुआ है कि मंदिर के पास सिर्फ 6 तोले सोना है। वर्ष 2013 में हुई ट्रस्ट डीड में ट्रस्ट ने मंदिर के पास सिर्फ 6 तोले सोना बताया। 2018 में हुई सप्लीमेंटरी ट्रस्ट डीड में भी 6 तोले ही सोना होने की बात लिखी है।
चिंतपूर्णी मंदिर के पास 200 तोले, ज्वालामुखी मंदिर के पास करीब 100 तोले सोना होने के मुकाबले बगलामुखी मंदिर के पास सिर्फ 6 तोला सोना है। क्लर्क राजेंद्र कुमार ने बताया कि बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालु सोना नहीं चढ़ाते हैं। 2013 और 2018 की ट्रस्ट डीड में ट्रस्ट ने यह जिक्र ही नहीं किया है कि मंदिर के पास पैसा कितना है।