हिमाचल में साढ़े 18 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें 13 लाख एपीएल उपभोक्ता हैं। केंद्र सरकार सभी उपभोक्ताओं को गेहूं उपलब्ध करवाती है, लेकिन प्रदेश सरकार गेहूं की पिसाई कर हिमाचल के एपीएल उपभोक्ताओं को आटा उपलब्ध करवाती है।
अन्य आईआरडीपी परिवारों को गेहूं दिया जाता है। उधर, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान ने कहा कि इस महीने गेहूं के आटे का कोटा आधा किलोग्राम कम किया गया है।
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने अन्य सस्ता राशन दाल, तेल, रिफाइंड, नमक और चीनी के कोटे में कोई बदलाव नहीं किया है। उपभोक्ताओं को यह राशन पहले की तरह उन्हीं दामों पर मिलेगा।