भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के जाहलमा नाले में बाढ़ आ गई। इसके पानी ने पहाड़ी को काट दिया। इससे बड़ी मात्रा में मलबा आने के कारण चंद्रभागा नदी पर जोबरंग गांव के पास बड़ी झील बन गई। इससे लोग सहम गए। झील के पानी में खेत और सेब के बगीचे जलमग्न हो गए। इससे लगभग 22 परिवारों का भारी नुकसान हुआ है। इस भयानक बाढ़ से जोबरंग, जाहलमा और नालडा की चार हेक्टेयर जमीन कटाव की जद में आ गई है। इससे फसलों को क्षति पहुंची है। सोमवार शाम करीब पांच बजे भारी बारिश हुई। इससे जाहलमा नाले में बाढ़ आ गई। इससे अफरातफरी मच गई। एलपी (ट्रक) और बस नाले की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।
वे बाढ़ के समय पुल के समीप से गुजर रहे थे। इसी बीच दोनों गाड़ी के शीशे बाढ़ के बवंडर से उठे मलबे से टूट गए। बाढ़ का पानी जाहलमा पुल तक भी पहुंचा हालांकि पुल सुरक्षित है। तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मारकंडा ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। उन्होंने नुकसान का जायजा लिया है। जोबरंग पंचायत के पूर्व प्रधान सोम देव योगी ने बताया कि चंद्रभागा नदी का बहाव लगभग पांच घंटे तक अवरुद्ध रहा। इसके कारण जोबरंग गांव के नीचे चंद्रभागा नदी का बहाव झील में तबदील हो गया।
नुकसान की भरपाई करेगी सरकार : मारकंडा
तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि जाहलमा नाले में आई बाढ़ से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई प्रदेश सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि वे सीएम जयराम ठाकुर को नुकसान के बारे में बताएंगे। सरकार प्रभावितों को मुआवजा देगी। मारकंडा ने कहा कि बाढ़ के कारण जाहलमा पंचायत में चार हेक्टेयर जमीन भू कटान की चपेट में आने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने का आग्रह किया। इस अवसर पर उनके साथ उपमंडलाधिकारी उदयपुर निशांत तोमर, नायब तहसीलदार शांता कुमार और भू-राजस्व विभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।