हैंड सैनिटाइजर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ड्रग इंस्पेक्टर सोलन में थोक दवा विक्रेताओं और मेडिकल स्टोरों में सैनिटाइजर की गुणवत्ता जांचने को सक्रिय हो गई है। जांच टीम ने मेडिकल स्टोर सहित थोक विक्रेताओं से सैनिटाइजर के पांच सैंपल भरे। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। इसकी रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता का खुलासा हो सकेगा। जानकारी के अनुसार कोविड-19 संक्रमण के बाद से जिला सोलन में सैनिटाइजर की मांग बढ़ी है। मांग को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर सैनिटाइजर का उत्पादन किया जा रहा है।
कई लोग छोटे स्तर पर भी सैनिटाइजर बना रहे हैं। ऐसे में सैनिटाइजर की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सतर्क हो गई है। विभाग की टीम ने अलग-अलग जगह दबिश देकर ये सैंपल एकत्र किए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया है। लैब से रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सैनिटाइजर के निर्माण में गुणवत्ता का खास ख्याल रखने की भी हिदायत दी है।
उधर, ड्रग इंस्पेक्टर प्रीति शर्मा ने बताया कि सोलन क्षेत्र में थोक और अन्य मेडिकल स्टोरों की जांच की है। इस दौरान पांच सैनिटाइजर के सैंपल भी लिए गए हैं जिसे जांच के लिए भेजा गया है। इसमें विभाग इसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, रिपोर्ट के बाद ही इसकी गुणवत्ता का खुलासा होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद सैनिटाइजर का उत्पादन बढ़ गया है। इसका इस्तेमाल ज्यादा होने की वजह से गुणवत्ता की जांच अनिवार्य हो गई है। उन्होंने बताया कि ये मुहिम आगामी दिनों में भी चलती रहेगी।