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हिमाचल: प्रदेश में स्थापित होंगे पांच निजी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर, पीपीपी मोड पर होगा संचालन

Mon, 16 Dec 2024 11:28 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

सरकार ने प्रदेश में 5 ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। इन केंद्रों का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप आधार पर होगा।
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उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक वाहन संचालक अब अपने वाहनों की जांच निजी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटरों पर भी करवा सकेंगे। सरकार ने प्रदेश में 5 ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। इन केंद्रों का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप आधार पर होगा। निजी कंपनी वाहन की जांच कर रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेजेगी। वाहन मालिकों को फिटनेस प्रमाणपत्र परिवहन विभाग के आरटीओ जारी करेंगे। ऑटोमेटिक सेंटर स्थापित होने के बाद वाहनों की फिटनेस में न तो सिफारिश चलेगी न ही कोई जुगाड़।

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यांत्रिक रूप से अनुपयुक्त वाहनों के संचालन से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने जा रही है। अब तक प्रदेश में वाहनों की फिटनेस एमवीआई (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) करते हैं। फिटनेस जांच की वीडियो रिकार्डिंग का भी प्रावधान है, बावजूद इसके फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने में व्यापक अनियमित्ताएं हो रही हैं। सरकार की ओर से बनाई गई योजना के तहत निजी क्षेत्र की जो भी कंपनी ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर स्थापित करने की इच्छुक होगी उसे करीब 4000 वर्ग मीटर जमीन पर केंद्र स्थापित करना होगा। जमीन यदि अपनी नहीं है तो लीज पर भी ली जा सकती है। वाहन निर्माता, वाहन विक्रेता अथवा ऐसा व्यक्ति जो गाड़ियों की मरम्मत के काम से जुड़ा है, केंद्र स्थापित नहीं कर सकता।

सरकार ने निजी क्षेत्र में पांच ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग सेंटर खोलने का फैसला लिया है। वाहन मालिक इन केंद्रों पर अपने वाहनों की फिटनेस जांच करवा सकेंगे। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के हर जिले में इस तरह की सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना है।- मुकेश अग्निहोत्री, उपमुख्यमंत्री

 

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