इस पर विवि ने कैंपस में सात कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया, लेकिन इनमें बच्चों ने दाखिला ही नहीं लिया। एमबीए और एमटेक कंप्यूटर साइंस में ही दाखिले हुए हैं। शेष पांच कोर्स एमसीए, एमबीए टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, बीएससी
इन होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म, एमएससी इन पर्यावरण विज्ञान और भौतिकी में दाखिले न के बराबर हुए। इसके चलते ये कोर्स अब बंद करने पड़ेंगे। स्पॉट दाखिले राउंड का 20 अगस्त को आखिरी दिन था। इसके बाद कोई दाखिला नहीं होगा।
एमबीए में 60 सीटें स्वीकृत हैं। इनमें 47 सीटें भरी हैं। एमटेक कंप्यूटर साइंस में 24 में से 18 सीटें भरी हैं। एमएससी भौतिक में 30 में से महज 5, होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म, एमबीए टूरिज्म एंड
हॉस्पिटैलिटी, एमसीए और एमएससी पर्यावरण विज्ञान में 30-30 सीटें स्वीकृत हैं। एमबीए और एमटेक कंप्यूटर साइंस को छोड़ शेष पांच कोर्सों में दाखिले न के बराबर हैं।
तकनीकी विवि ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट, स्कूल ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, स्कूल ऑफ इन्वायरमेंट साइंसेज, स्कूल ऑफ बेसिक साइंस एंड अप्लाइड और स्कूल ऑफ आयुर्वेद में टीचिंग फैकल्टी को लेकर कैंपस इंटरव्यू भी किए हैं।
दाखिले न होने से नवनियुक्त फैकल्टी मेंबर की नौकरी भी खतरे में है। चयनित फैकल्टी को लेक्चर के आधार पर ही वेतन का भुगतान होना है।प्रदेश तकनीकी विवि के कुलसचिव डॉ. विक्रम महाजन ने कहा कि इस बारे में विवि के डीन अकादमिक की जानकारी उपलब्ध करवा सकते हैं।
दाखिले किस वजह से कम हुए, इस पर भविष्य में चर्चा की जाएगी। उन्होंने माना कि पूर्व की बोर्ड ऑफ गवर्नर की शिमला में हुई बैठक में कैंपस कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया था।