अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा की अदालत का फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा नेगी की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में चौपाल निवासी श्याम लाल को दोषी करार देते हुए पांच माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जो चेक राशि का दोगुना है।
जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की वसूली के बाद पूरी राशि शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। मामले के अनुसार, शिमला निवासी सोनू कुमार ठाकुर ने अदालत में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (एनआई) एक्ट की धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि दोस्ताना संबंधों के चलते उन्होंने मई 2021 में चौपाल निवासी श्याम लाल को 75 हजार रुपये का ऋण दिया था। ऋण की आंशिक अदायगी के लिए दोषी ने 50 हजार रुपये का चेक जारी किया था जिस पर 28 जून 2021 की तारीख अंकित थी।
शिकायतकर्ता ने जब चेक बैंक में भुगतान के लिए जमा करवाया, तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण दो सितंबर 2021 को चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने चेक पर अपने हस्ताक्षर स्वीकार किए लेकिन कानूनी देनदारी से इन्कार किया। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि चेक और उस पर किए हस्ताक्षर स्वीकार किए जाने पर कानूनी देनदारी के संबंध में वैधानिक उपधारणा उत्पन्न होती है।