जिला पुलिस ने नशा तस्करी पर की कड़ी कार्रवाई, 61 नशा तस्करी के नेटवर्क ध्वस्त
80 मुख्य सप्लायर किए गिरफ्तार
ड्रोन से दुर्गम क्षेत्रों में निगरानी कर अवैध भांग और अफीम की खेती पर कार्रवाई
लग्जरी गाड़ियों, भवनों, होमस्टे और व्यावसायिक संपत्तियों पर कार्रवाई, नशे से अर्जित संपत्ति की वित्तीय जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला पुलिस ने इस साल नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 271 मामलों में 549 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दस माह के दौरान पांच किलो से अधिक चिट्टा, 15 किलो चरस और 58.5 ग्राम मैथ क्रिस्टल समेत अन्य मादक पदार्थ बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान 80 मुख्य सप्लायरों को पकड़ा गया, जबकि नशा तस्करी से जुड़े 31 अंतरराज्यीय गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया है।
पुलिस ने जिले के दुर्गम क्षेत्रों में अवैध भांग की खेती के खिलाफ भी अभियान चलाया। इसके तहत इस साल करीब 10 लाख भांग के पौधे नष्ट किए गए हैं। पुलिस ने ड्रोन की मदद से जंगलों, निजी भूमि, बगीचों और अन्य स्थानों पर निगरानी कर अवैध खेती का पता लगाया और उसे नष्ट किया। इसके अलावा अफीम की अवैध खेती के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 60 हजार पौधे नष्ट किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी के 22 मामलों में वाणिज्यिक मात्रा, जबकि 177 मामलों में मध्यवर्ती मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।
नशा तस्करों की 12.61 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त
पुलिस ने नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई भी की है। इसके तहत इस साल अब तक 12.61 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं। इनमें लग्जरी गाड़ियां, व्यावसायिक प्लॉट, भवन, होमस्टे, फ्लैट और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी के मामलों में वित्तीय जांच कर अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों का पता लगाया जा रहा है।
40 आदतन तस्करों को एहतियातन जेल भेजा
नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने आदतन तस्करों को चिह्नित कर उनके खिलाफ पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद 40 आदतन नशा तस्करों को तीन-तीन महीने के लिए निरुद्ध किया गया है। सलाहकार बोर्ड की मंजूरी के बाद कुछ मामलों में निरोध की अवधि छह महीने तक भी रही है। इस कार्रवाई का उद्देश्य नशा तस्करी में सक्रिय लोगों को एहतियातन निरुद्ध कर उनके नेटवर्क पर अंकुश लगाना है।
तस्करी के नेटवर्क ध्वस्त करना लक्ष्य
जिले के युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस कई स्तरों पर कार्रवाई कर रही है। नशा तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ आदतन तस्करों को निरुद्ध किया जा रहा है। नशे से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत जब्त किया जा रहा है। जिले में नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी है।
-गौरव सिंह, एसएसपी शिमला