टमाटर का करीब डेढ़ अरब का कारोबार करने वाले जिले के किसानों की कमर ओलावृष्टि ने तोड़ दी है। 48 घंटों में हुई ओलावृष्टि से अब तक करीब 65 फीसदी टमाटर की फसल बर्बाद हुई है।
अब तक करीब तीन करोड़ 75 लाख रुपये के नुकसान की पुष्टि हुई है। सोलन में उन्हीं जगहों पर सर्वाधिक ओलावृष्टि हुई है, जहां टमाटर को किसान मुख्य फसल के रूप में बीजते हैं। जिले में कुल 4,414 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर उगाए जा रहे हैं।
जिला चंबा में ओलावृष्टि से जहां बीस प्रतिशत गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, वहीं सेब, प्लम, बंदगोभी और अखरोट से तीस प्रतिशत नुकसान का अनुमान है। अब तक के अनुमान के अनुसार करीब बीस लाख रुपये नुकसान आंका गया है।
कुल्लू में बागवानी धराशायी
जिला कुल्लू के आनी और कुल्लू उपमंडल में पिछले दो दिनों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी-तूफान से सेब, नाशपाती, प्लम को दो करोड़ 24 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कुल्लू उपमंडल में एक करोड़ 19 लाख रुपये, आनी उपमंडल में एक करोड़ पांच लाख के नुकसान का आकलन है। जिला प्रशासन की ओर से 11 मई तक अलर्ट से बागवान ओलों से चिंतित हैं।
किन्नौर जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में भी मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश से सेब और अन्य नकदी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। बागवानी विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रामपुर उपमंडल में ओलावृष्टि से सेब की फसल को 91.20 लाख का नुकसान का आकलन है।
बारिश और ओलावृष्टि के चलते सेब सहित पलम, बादाम, खुमानी सहित कृषि फसलों को नुकसान पहुंचा है। नेरवा और चौपाल में दो दिन ओलावृष्टि से सेब समेत अन्य नकदी फसलों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
जनपद सिरमौर में आंधी-तूफान से आम, सेब, प्लम, लीची, आड़ू समेत तमाम फसलों को 30 से 35 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। जिला भर में फलों को लगभग दो करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। बागवानी विभाग ने आला अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
हिमाचल में हर साल 77 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों की पैदावार होती है। इस क्षेत्र में 1653.51 हजार मीट्रिक टन सब्जी उत्पादन होता है। सब्जियों में आलू, मटर, टमाटर, फूलगोभी, बंदगोभी, शिमला मिर्च, फ्रासबीन पैदा होती है।
यहां पर कुल पैदावार में से खरीफ के मौसम में 70 फीसदी पैदावार सब्जियां होती हैं, जबकि खरीफ के मौसम में भी कुल पैदावार की करीब 30 फीसदी सब्जियां होती हैं।
इन्हें बेमौसमी सब्जियां कहते हैं। सोलन जिले में टमाटर उगाया जाता है। टमाटर की फसल 80 फीसदी तक तबाह हो चुकी है। फूलगोभी, मटर, खीरा, शिमला मिर्च आदि सब्जियों के भी यही हाल हैं।