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कसौली हत्याकांडः इन पांच महकमों के अफसरों पर गाज गिरना तय

Thu, 10 May 2018 10:39 AM IST
राकेश शर्मा, अमर उजाला, सोलन
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सर्वोच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद कसौली में अनधिकृत निर्माण के जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। होटल निर्माण के दौरान एक-एक मंजिल के लिए फाइल कई अधिकारियों के टेबल से घूमी होगी। 

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अब सरकार को बताना होगा कि उस समय कौन से अधिकारियों ने टेबल पर आई फाइल को बिना रोके आगे सरका दिया। होटलों में अनधिकृत निर्माण हुआ तो उन्हें बिजली-पानी के कनेक्शन किस आधार पर दिए गए, जबकि नक्शे और नियम के मुताबिक होटल तैयार नहीं हुए थे।

एक या दो नहीं, बल्कि कई विभागों के अधिकारी लपेटे में आने वाले हैं। इनमें राजस्व, टीसीपी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजली बोर्ड और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं। 

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ऐसे मिलती है निर्माण की मंजूरी

होटल निर्माण के दौरान एक-एक मंजिल के लिए सभी 13 होटल मालिकों की फाइलें इन अफसरों से होकर गुजरी हैं। टीसीपी को मुख्य रूप होटल का नक्शा जांचने से लेकर निर्माण तक सभी तरह का एनओसी जारी करना होता है।

होटल से किसी तरह का प्रदूषण न हो, होटल निर्धारित नियमों के आधार पर पूरा हो, इसकी जांच का जिम्मा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास रहता है। इन दोनों विभागों से मिले अनापत्ति प्रमाणपत्र के आधार पर विद्युत बोर्ड होटल को बिजली देने और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग पानी की सप्लाई देने की जिम्मेदारी पूरी करते हैं।

कसौली में जिन 13 होटलों पर अनधिकृत निर्माण का आरोप लगा है, उन्हें सुप्रीमकोर्ट में नियम पूरा न करने को दोषी पाया गया था। इसी आधार पर पहले ग्रीन ट्रिब्यूनल और उसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेश दिए हैं।  

अभी नहीं मिली है कॉपी : उपायुक्त  
उपायुक्त विनोद कुमार का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की कॉपी उन्हें नहीं मिली है। जैसे ही आदेश की कॉपी मिलेगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय ने अधिकारियों के नाम मांगें होंगे तो पता लगाया जाएगा कि उस समय कौन-कौन अधिकारी किस पद पर रहे हैं।
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