ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल से जिले के किसानों और बागवानों की करोड़ों रुपये की फसल के बर्बाद का संकट पैदा हो गया है। हड़ताल के चलते शुक्रवार को ढली सब्जी मंडी में सेब और सब्जियों की आधी ही सप्लाई पहुंची है।
मंडी में जो सेब और सब्जियां पहुंची हैं, उसे करीब दस ट्रकों में लोडकर दिल्ली रवाना किया है। जिले के अलग-अलग हिस्सों के भी कुछ ट्रक चालक अपने जोखिम पर टमाटर, शिमला मिर्च, बीन आदि फसलों की सप्लाई लेकर दिल्ली रवाना हुए हैं।
लेकिन यह समय से मंडी पहुंचेंगे, इस पर संशय बना है। यदि हड़ताल के चलते इन्हें मंडी जाने से रोका जाता है तो करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद हो जाएगी। किसानों और बागवानों को चिंता सता रही है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो उनकी मेहनत की कमाई खेतों और बगीचों में ही खराब हो जाएगी।
सेब की कम आमद के चलते शुक्रवार को इसकी कीमतों में प्रति क्विंटल करीब दो सौ रुपये का उछाल आया है लेकिन हड़ताल की सूचना के बाद से बागवानों ने तुड़ान रोक दिया है।
जिले के ज्यादातर किसानों और बागवानों को शुक्रवार तक हड़ताल की सूचना नहीं मिली। तैयार फसल इन्होंने तोड़ दी। शुक्रवार सुबह पता चला कि ट्रकों की हड़ताल है। कई बागवानों ने तो सेब की सप्लाई ही रोक दी।
लेकिन बेमौसमी सब्जियां खराब न हों, इसके लिए ज्यादातर किसानों ने ट्रक ऑपरेटरों से बात कर इसे दिल्ली भेज दिया है। कई किसान स्थानीय मंडियों में भी सब्जियां पहुंचाने लगे हैं। शनिवार को ढली सब्जी मंडी में सेब और सब्जियों की सप्लाई और घटने की संभावना है।
ढली सब्जी मंडी में आठ से दस गाड़ियां ही लोड हो पाई हैं। हड़ताल की सूचना के बाद से सेब और सब्जियों की सप्लाई घटी है। यही नहीं जिन किसानों को हड़ताल का पता नहीं, वही मंडी पहुंच रहे हैं। फिलहाल काम जारी रखा है। शनिवार से दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
-हरीश ठाकुर, अध्यक्ष, ढली सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन
हड़ताल के चलते फिलहाल ट्रक प्रदेश से बाहर नहीं जा रहे हैं। कुछ ट्रक रवाना हुए हैं, वह अपने जोखिम पर गए हैं। दिल्ली से हड़ताल को लेकर अपडेट ले रहे हैं। प्रदेश में सप्लाई नहीं रोकी है।
-नरेश गुप्ता, अध्यक्ष, हिमाचल ट्रक आपरेटर एसोसिएशन